तीन दिन हो गए पक्षियों को मरते हुए, जिम्मेदार कारणों का पता नहीं लगा पा रहे

जबलपुर के गौर में 15 टिटहरी, बरेला-पाटन में एक-एक कोयल की मौत

 

 

By: shyam bihari

Published: 09 Jan 2021, 09:44 PM IST

जबलपुर। पूरे मध्य प्रदेश में बर्ड फ्लू की दहशत के बीच जबलपुर जिले में जिम्मेदार लोग यह नहीं पता लगा पा रहे हैं कि अभी तक हुई पक्षियों की मौत का कारण क्या है? यहां की गाौर नदी के पास 15 टिटहरी, और बरेला व पाटन में एक-एक कोयल की मौत हुई। पक्षियों की मौत की सूचना पर विभागीय अधिकारियों ने टीमों को मौके पर भेजकर मृत पक्षियों के सैम्पल लिए। सभी सैम्पल भोपाल स्थित लैब भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट मिलने पर पक्षियों की मौत का कारण पता चलेगा। इससे एक दिन पहले साइंस कॉलेज में दो कबूतर मृत मिले थे। जिले में पक्षियों की मृत्यु की सूचना पर पशुपालन विभाग के जिला स्तरीय रैपिड रिस्पांस दलों ने मृत पक्षियों के सैम्पल लेकर भोपाल स्थित राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा रोग अनुसंधान प्रयोगशाला भेजा है।

जिला प्रशासन ने पशुपालन, स्थानीय निकाय, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन एवं मत्स्य विभाग को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने दावा किया है कि जिले में पक्षियों की मौत होने और बर्ड फ्लू की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रशासन एवं पशुपालन विभाग के सहयोग से जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष की स्थापना की है। यहां पर टीम भी तैनात की गई है। जबकि, उप-संचालक डॉ. एसके वाजपेयी ने बताया कि पक्षियों की मौत की सूचना नियंत्रण कक्ष अथवा स्थानीय पशु चिकित्सा संस्थाओं को दें। उन्होंने बताया कि जिले के पोल्ट्री फार्म सहित कहीं भी मुर्गियों की मौत की सूचना नहीं है।

shyam bihari Desk
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