
Bargi Dam-1
जबलपुर. सात साल बाद रविवार को बरगी डैम के सभी 21 गेट खुले, तो मां नर्मदा के विहंगम दृश्य देखने के लिए शहरवासी उमड़ पड़े। डैम के गेट से प्रचंड वेग से निकलती जलधारा और उससे धुआंधार की तरह बनने वाले अद्भुत दृश्य लोगएकटक देखते रह गए। रविवार दोपहर 12 बजे तक बरगी डैम के 17 गेट खुले थे। जल स्तर बढऩे पर जैसे ही सभी गेट खुलने की सूचना मिलते ही शहरवासी बरगी की ओर चल पड़े।
लॉन्ग ड्राइव कर बरगी डैम पहुंचे लोग
कुछ लोग सपरिवार पहुंचे, तो कुछ लोग दोस्तें के साथ पहुंचे। डैम से प्रचंड वेग से निकलती जलधारा से चार-पांच फीट ऊंची लहरें उठ रही थीं। शाम चार बजे बरगी डैम के पास का दृय मेले जैसा हो गया। लोगों ने परिवार और दोस्तों के साथ सेल्फी ली। बारिश थमी तो मौसम सुहाना हो गया। लॉन्ग ड्राइव कर बरगी डैम पहुंचने वाले लोग वापसी के दौरान सड़कों पर रुककर फोटोग्राफी करते नजर आए।
यादें हो गईं ताजा
महापौर स्वाति गोडबोले ने बताया कि वर्ष 1996 में बरगी डैम के सभी गेट खुलने का दृश्य उन्हें आज भी याद है। रविवार को डैम के सभी गेट खुलने की सूचना मिली तो वे खुद को यहां आने से रोक नहीं सकीं। जिलहरी घाट नित्य तैराकी मंडल के अधिवक्ता संतोष गंगवार, राजू गांधी तैराकों के साथ पहुंचे। वेटरनरी डॉ. केपी सिंह, शहर के शरद काबरा सहित बड़ी संख्या में लोग सपरिवार बरगी डैम पहुंचे।
ग्वारीघाट-भेड़ाघाट भी पहुंचे लोग
भेड़ाघाट में संगमरमरी वादियों के बीच उफनती नर्मदा के विहंगम दृश्य को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। ऐसी ही स्थिति तिलवाराघाट के पुराने पुल की थी। ग्वारीघाट में भी लोग बच्चों और दोस्तों के साथ पहुंचे। दद्दा दरबार, जिलहरी घाट, और साकेतधाम की ओर से भी बड़ी सख्या में लोग मां नर्मदा का बदला हुआ स्वरूप देखते नजर आए।
Published on:
09 Sept 2019 09:09 am
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
