
जबलपुर।
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद एनसीटीई द्वारा भी पाठ्यक्रमों में प्रवेश को लेकर पक्रिया शुरू की जा रही है। कोरोना संक्रमण के चलते इस बार शिक्षण सत्र प्रभावित हुआ है। ऐसे में पाठ्यक्रमों के लिए कार्य दिवसों में भी अंतर आ गया है। पहले से ही तकरीबन 2 से ढाई माह पीछे शिक्षण सत्र चल रहा है। एनसीटीई अब कोई भी राहत देना नहीं चाहती है बीएड, एमएड, बीपीएड, एमपीएड, बीएलएड पाठ्यक्रमों के लिए न्यूनतम कार्य दिवस का विभाजन कर दिया गया है जिसका कॉलेजों को पालन करना अनिवार्य होगा। उल्लेखनीय है कॉलेजों में प्रवेश को लेकर 1 अगस्त से ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया एवं शिक्षण संस्थानों का चयन शुरू किया जाएगा।
यह तय किए गए दिन
बीएड, एमएड, बीपीएड, एमपीएड तथा बीएलएड पाठ्यक्रम के लिए प्रवेश एवं परीक्षा अवधि को छोड़कर यह अवधि न्यूनतम 200 दिन की होगी। जबकि बीएबीएड एवं बीएससी बीएड पाठ्यक्रमों के लिए 250 कार्य दिन होंगे। इसी तरह तीन वर्षीय बीएड, एमएड पाठ्यक्रमों के लिए 215 कार्यदिवसों का विभाजन किया गया है। हर कॉलेज को सभी कार्यदिवसों का पालन करना अनिवार्य होगा।
किस्तों में दिया जा सकेगा शुल्क
कोरोना संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुए छात्रों के लिए एक राहत जरूर दी गई है कि प्रवेश शुल्क व किश्तों में जमा कर सकेंगे। ऑनलाइन सीट आवंटन उपरांत अभ्यार्थी को शुल्क विनियामक समिति द्वारा आवंटित महाविद्यालय हेतु विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित प्रवेश शुल्क की आधी राशि आयुक्त उच्च शिक्षा के खाते में ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जमा करानी होगी। इसके पश्चात ही आवेदक के प्रवेश की प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। आधी राशि प्रवेश के बाद महाविद्यालय द्वारा निर्धारित समय अवधि में दो किश्तों में डिजिटल माध्यम से जमा कराई जाएगी।
अगस्त से ऑनलाइन पंजीयन
विदित हो कि प्रवेश प्रक्रिया को लेकर 1 अगस्त से ऑनलाइन पंजीयन की प्रक्रिया एवं शिक्षण संस्थानों का चयन शुरू किया जाएगा जो 5 अगस्त तक चलेगा 2 अगस्त से लेकर 6 अगस्त तक हेल्प सेंटर के माध्यम से दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा बीपीएड एमपीएड पाठ्यक्रमों के लिए फिटनेस प्रोफिशिएंसी टेस्ट निर्धारित हेल्थ सेंटर में 2 से 6 अगस्त के बीच आयोजित किए जाएंगे मेरिट सूची का प्रकाशन 14 अगस्त को होगा।
वर्जन
-कोरोना संक्रमण के चलते इस बार प्रवेश प्रक्रिया लेट हुई है। एनसीटीई ने पाठयक्रमों के लिए कार्य दिवसों का विभाजन तय कर दिया गया है। जिसमें सभी एक्टीविटी को कराना कॉलेजों के लिए अनविार्य होगा।
-डॉ. रैना तिवारी, चेयरमैन बोर्ड ऑफ स्टडी
Published on:
19 Jul 2021 10:58 pm
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