
Swine flu
जबलपुर. जबलपुर में भी बारिश और तापमान में बार-बार बदलाव से स्वाइन फ्लू की दस्तक हो चुकी है। इसलिए आपको इसके लक्षण और बचाव संबंधी जानकारी होना जरूरी है। कुछ घरेलू उपचार से भी इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। स्वाइन फ्लू तेजी से फैलने वाला संक्रामक रोग है, जो एक खास प्रकार के एंफ्लुएंजा वाइरस एच-1 एन-1 के द्वारा होता है। इससे प्रभावित व्यक्ति में सामान्य मौसमी सर्दी-जुकाम जैसे ही लक्षण परिलक्षित होते हैं। नाक चोक होना या पानी बहना, गले में खराश, सर्दी और खांसी, बुखार, सिरदर्द, पेट दर्द, शरीर में ऐंठन, थकान, ठंड लगना और कभी-कभी उल्टी-दस्त जैसे लक्षण दिखाई पड़ते हैं। एंफ्लुएंजा वायरस कम उम्र और छोटे बच्चों तथा गर्भवती महिलाओं को यह ज्यादा प्रभावित करता है। इसका संक्रमण रोगी व्यक्ति के खांसने, छींकने से दूसरे व्यक्तियों तक पहुंच जाते हैं। वहीं नाक और मुंह को छूकर संक्रमित व्यक्ति जिस वस्तु को छूता है, उस वस्तु को सामान्य व्यक्ति छू लेता है तो वह भी संक्रमण से ग्रसित हो जाता है। व्यक्ति में एक सप्ताह के अंदर लक्षण उत्पन्न हो जाते हैं।
बादल, बारिश और तापमान में बार-बार बदलाव से स्वाइन फ्लू का संक्रमण फिर सामने आया है। मेडिकल में स्वाइन फ्लू के दो मामले सामने आए हैं। इनमें 26 वर्षीय युवती स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मिली है। वहीं एक अन्य मरीज स्वाइन फ्लू संदिग्ध पाया गया है। सूत्रों के अनुसार दोनों मरीजों को मेडिकल के विशेष आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। स्वाइन फ्लू पॉजीटिव मरीज नरसिंहपुर की है। उसकी हालत गम्भीर बनी हुई है। वार्ड में भर्ती एक अन्य मरीज की रिपोर्ट सोमवार को आ सकती है। फिलहाल मरीज को एहतियातन संक्रमण से बचाव की दवा दी जा रही है। स्वाइन फ्लू से कुछ घरेलू नुस्खे अपनाकर बचाव किया जा सकता है।
ऐसे करें बचाव
खांसी, जुकाम, बुखार के रोगी से दूर रहें। आंख, नाक, मुंह को छूने के बाद किसी अन्य वस्तु को न छुएं व हाथों को एंटीसेप्टिक या साबुन से धोकर साफ करें। खांसते, छींकते समय मुंह व नाक पर कपड़ा रखें। दही खाने से परहेज करें। मठा या छाछ पी सकते हैं। उबला पानी पीएं व पोषक तत्वों से भरपूर भोजन व फलों का उपयोग करें। सर्दी-जुकाम, बुखार होने पर भीड़ में जाने से बचना चाहिए।
ये हैं कुछ घरेलू उपचार
- पानी में हल्दी, कालीमिर्च, तुलसी, अदरक, शक्कर डालकर उबालकर काढ़ा तैयार कर लें। पकने के बाद एक कप रह जाने पर उसमें नींबू निचोड़ें। इस पेय को दिन में 2 से 3 बार सेवन करें।
- नाक में दोनों तरफ षडबिंदु तेल की दो-दो बूंदें दिन में 2 से 3 बार डालें।
गुरबेल या गिलोय का काढ़ा बनाकर पीएं, इससे भी राहत मिलती है।
- कपूर, इलायची, लौंग को पीसकर मिश्रण तैयार कर लें। इस मिश्रण को रूमाल में बांधकर पास रखें और समय-समय पर सूंघते रहें इससे स्वाइन फ्लू का खतरा कम होता है।
- वर्षा काल में घर पर हवन करने से भी स्वाइन फ्लू के वाइरस से बचाव होता है ।
- स्वाइन फ्लू जैसे बुखार गले में खरास, सर्दी-जुकाम, खांसी व आदि लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लें।
Published on:
30 Jul 2019 08:55 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
