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फर्जीवाड़ा में नगर निगम कर्मचारी सहित 3 गिरफ्तार

-जीवित को मृत बता कर हो रहा विभिन्न सरकारी योजनाओं में बंदरबांट

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फर्जीवाड़ें गिरफ्तारी प्रतीकात्मक फोटो

फर्जीवाड़ें गिरफ्तारी प्रतीकात्मक फोटो

जबलपुर. सरकार जरूरतमंदों के हित में योजनाएं लागू कर रही है और योजनाओं से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी हैं कि जीवित को मृत दर्शा कर योजनाओं की धनराशि के बंदरबांट में लगे हैं। ऐसे ही तीन लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

नगर निगम क्षेत्र भरूहा निवासी एक विधवा महिला के नाम पर दूसरी महिला को लाभ दिलाने के आरोप में नगर निगम के दो कर्मियों सहित तीन लोगों को नवानगर पुलिस ने गिरफ्तार कर किया है। बताया जा रहा है कि महिला सुनीता यादव के पति अशोक यादव की मौत वर्ष 2018 में हो गई थी। लेकिन उसका संबल योजना में रजिस्ट्रेशन नहीं था। बावजूद इसके नगर निगम के भरूहा वार्ड प्रभारी मुरलीधर वर्मा, कंप्यूटर ऑपरेटर संतोष शाह ने महिला के साथ मिलकर 2 लाख 5 हजार रुपए की राशि का भुगतान करा लिया था।

मामले का खुलासा तब हुआ जब नंदगांव निवासी अशोक कुमार पटवा ने नगर निगम अधिकारियों के समक्ष इसकी शिकायत की। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि अशोक कुमार पटवा का संबल योजना में रजिस्ट्रेशन था। मृतक का नाम भी अशोक यादव था। इसके बाद आरोपियों ने अशोक पटवा के रजिस्ट्रेशन नंबर का इस्तेमाल करते हुए अशोक यादव की विधवा भरूहा निवासी सुनीता यादव के दस्तावेजों में हेरफेर करके प्रकरण तैयार कर योजना का लाभ ले लिया। पीड़ित पटवा की शिकायत के बाद इस मामले को नगर निगम ने पुलिस को सौंप दिया। नवानगर थाना पुलिस ने वार्ड प्रभारी मुरलीधर वर्मा, कंप्यूटर ऑपरेटर संतोष शाह व महिला सुनीता यादव के विरूद्ध केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जीवित को मृत दिखाकर संबल व कर्मकार योजना के तहत मिलने वाली राशि में बंदरबांट करने की अनियमितता नगर निगम सहित तीनों जनपद पंचायतों में धड़ल्ले से हुई है। लेकिन खुलासा होने के बावजूद अधिकारी दोषियों के विरूद्ध कार्रवाई नहीं करते दिखाई देते हैं। यह पहला मामला है जिसमें दोषियों के विरूद्ध सख्त कार्रवाई हो पाई है। यदि जनपद पंचायतों व नगर निगम में संबल योजना के निराकृत प्रकरणों की निष्पक्ष जांच की जाए तो फर्जीवाड़े की दर्जनों घटनाएं सामने आ सकती है। पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाने के संकेत दिए है। इस कार्रवाई में टीआई यूपी सिंह, सीके सिंह, नृपेंद्र सिंह, आ अजीत सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, बेला कली की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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