8 फ़रवरी 2026,

रविवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

aaj ka panchang: बेहद भाग्यशाली होंगे रविवार को जन्म लेने वाले बच्चे, इस अक्षर से रखें नाम

बेहद भाग्यशाली रहेंगे रविवार को जन्म लेने वाले बच्चे

2 min read
Google source verification
grah nakshatra aur aap

grah nakshatra aur aap

जबलपुर। ग्रहों के अधिपति यानी भगवान सूर्य इस समय अपने गुरु यानी वृहस्पति के घर पर धनु राशि में विराजमान है। गुरु के घर में निवास के कारण वे अपने तेज को कुछ दबाए हुए हैं। पौष प्रतिपदा को रविवार पर आद्र्रा व पुनर्वसु नक्षत्र का संयोग शुभ माना जा रहा है। रविवार 23 दिसंबर को जन्मे बालकों के नाम का पहला अक्षर कु,ध, ड़ छ हो सकता है। आद्र्रा नक्षत्र में जन्मे बालकों की राशि मिथुन होगी, वहीं रात्रि 11.9 के उपरंात जन्मे बालकों का जन्म नक्षत्र पुनर्वसु रहेगा। मिथुन राशि के जातक प्राय: सुंदर, सुशील, विनम्र, परोपकारी, दयालु, समाजसेवी, अधिक मित्र वाले, कला प्रेमी, चतुर, तथा निर्भीक स्वभाव के होते हैं। शिक्षा, कला,अथवा स्वतंत्र ब्यवसाय मे सफल रहते है। जीवन की पथ की बात करें तो इस पर इन्हें सफल व भाग्यशाली माना जाता है।

रविवार की तिथि - नंदा तिथि प्रतिपदा रात्रि 10.12 तक उपरंात भद्रा तिथि द्वितीया रहेगी। नंदा तिथि मे समय शुध्द होने पर विवाह, विद्यारंभ, उपनयन गृहप्रवेश, क्रयविक्रय, जैसेे कार्य संपादित किये जा सकते है परंतु आज से पौष मास प्रारंभ हो रहा है जो कि मांगलिक कार्य हेतु उपयुक्त नही माना जाता है अत: समय काल के आधार पर निर्णय लेना उपयुक्त रहेगा।

योग - दोपहर 11.31 तक शुक्ल उपरंात व्रम्ह योग रहेगा। दोनो ही नैसर्गिक योग शुभ तथा सुखद है।

विशिष्ट योग - आज से पौष मास प्रारंभ हो रहा है पौष मास की प्रतिपदा तिथि मांगलिक कार्य हेतु उपयुक्त नही है।

करण - सूर्योदय काल से बालव उपरंात कौलव तदनंतर तैतिल करण का प्रवेश होगा। करण गणना सामान्य है।

नक्षत्र - तीक्ष्णदारूक संज्ञक अधोमुख नक्षत्र आद्र्रा रात्रि 11.9 तक उपरंात चरसंज्ञक तिर्यड़मुख नक्षत्र पुनर्वसु रहेगा। आद्र्रा नक्षत्र शस्त्र निर्माण, उग्रकर्म, विग्रह,कलह, पशुचिकित्सा, शस्त्र विद्या, शस्त्र साधना जैसे कार्य हेतु यह नक्षत्र अत्यंत उपयुक्त माना जाता है। लग्र सारिणी के आधार पर उपयुक्त कार्य करना परम कल्याणकारी माना जाता है।

शुभ मुहूर्त - आज क्रय विक्रय, कर्जनिपटारा, मित्र मिलन, पत्र लेखन, सत्संग, तीर्थयात्रा, पौधारोपण, खनिजसंपदा से जुड़े कार्य हेतु दिन शुभ तथा अनुकूल माना जाता है।

श्रेठ चौघडि़ए - आज प्रात: 9.00 से 12.00 लाभ,अमृत दोपहर 1.30 से 3.00 शुभ एवं रात्रि 6.00 से 9.00 शुभ तथा अमृत की चौघडिय़ा शुभ तथा सुखद मानी जाती है।

व्रतोत्सव - आज पौष मासांरभ, त्रिपुष्करयोग के साथ आज सूर्यनारायण की पूजा हेतु आज का दिवस शुभ तथा सुखद रहेगा।

चन्द्रमा : दिवस रात्रि पर्यंत बुध प्रधान राशि मिथुन राशि मे संचरण करेगा।

ग्रह राशि नक्षत्र परिवर्तन: सूर्य के धऩु राशि मे गुरू वृश्चिक राशि मे तथा शनि धनु राशि के साथ सभी ग्रह यथा राशि परिि स्थत है सूर्य का ज्येष्ठा नक्षत्र मे संचरणरहेगा।

दिशाशूल: आज का दिशाशूल पश्चिम दिशा मे रहता है इस दिशा की व्यापारिक यात्रा को यथा संभव टालना हितकर है। चंद्रमा का वास पश्चिम दिशा में है। सन्मुख एवं दाहिना चंद्रमा शुभ माना जाता है ।

राहुकाल: शाम 4.30. से 6.00.00 बजे तक। (शुभ कार्य के लिए वर्जित)