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#HousingProject नगर निगम नहीं कर रहा सरकारी आवास योजनाओं का प्रमोशन, सुविधाओं की कमी से छिटके ग्राहक

#HousingProject नगर निगम नहीं कर रहा सरकारी आवास योजनाओं का प्रमोशन, सुविधाओं की कमी से छिटके ग्राहक  

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Jabalpur Municipal Corporation

Jabalpur Municipal Corporation

जबलपुर . शहर में जनसंख्या के अनुपात में आवासीय भवनों की कमी है। बड़ी आबादी किराये के भवनों में रहती है। कई लोग सस्ते प्लॉट के चक्कर में मनमाने टाउन प्लानर के झांसे में फंस रहे हैं। मकान बना लेने के बाद उन्हें सड़क, बिजली, पानी की मूलभूत जरूरतों को लेकर समस्या का सामना करना पड़ रहा है। जानकारों के अनुसार इसके पीछे सरकारी आवास योजनाओं की लेटलतीफी भी जिम्मेदार है। निगम अगर समय पर अपने प्रोजेक्ट पूरे करता तो बड़ी संख्या में लोगों की आवासीय जरूरत पूरी होतीं। लेकिन निगम के प्रोजेक्ट पिछड़ गए हैं।

कई में काम थमा
नगर निगम के साथ अन्य सरकारी एजेंसियों की आवास योजनाओं का भी बुरा हाल है। 5 साल से जेडीए की किसी भी नई आवासीय योजना पर काम शुरू नहीं हो पा रहा है। इसी तरह से हाउसिंग बोर्ड की पुरवा और धनवंतरि नगर की आवास योजनाओं में भी काम थमा हुआ है।

यह है स्थिति
3984 भवन बनने थे
300 भवन बनकर तैयार
3684 भवन निर्माणाधीन
435 भवन बुक
7 साल में पूरा नहीं हुआ निर्माण

मुख्य मार्ग से दूर

नगर निगम के आवास विभाग ने तिलहरी, परसवारा, तेवर, मोहनिया, कुदवारी में जिन स्थलों को मल्टी स्टोरी भवन के निर्माण के लिए चुना, वे लोगों की पहुंच से दूर है। इन स्थलों के चयन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारों का मानना है कि अगर ये स्थल मुख्य शहर के पास होते तो बिल्डरों की साइट की तरह ही यहां भी आवास खरीदने में लोग देर नहीं करते। मुख्य शहर से दूर होने के कारण, इन स्थलों से बच्चों को स्कूल-कॉलेज जाने से लेकर लोगों के लिए कार्यालय, बाजार से आवाजाही करने ट्रांसपोर्ट साधनों की भी कमी है। निगम ने अपनी इन साइट्स का ठीक ढंग से प्रमोशन भी नहीं किया।

सस्ते प्लाट के झांसे में फंस रहे लोग

सस्ते आवास के चक्कर में लोग मनमाने टाउन प्लानर के चक्कर में फंस रहे हैं, जो प्लाटिंग के नाम पर खेतों की जमीन बेच रहे हैं। करमेता, कुदवारी, मोहनिया, तिलहरी, बरेला, समाधि रोड जैसे स्थानों में लोग सस्ते प्लॉट तो खरीद रहे हैं, लेकिन नियम-कायदों को दरकिनार कर इस तरह से विकसित हो रहे इलाकों में लोगों को बाद में जलभराव, सीवेज सिस्टम न होने से लेकर जल संकट, बदहाल सड़कों समेत ढेरों समस्याओं का सामना करना पड़ता है। तिलहरी की ऐसी ही कई कॉलोनियों में हर साल बरसात के दिनों में जलभराव हो रहा है। वहां बचाव के लिए नाव चलानी पड़ती है। अमखेरा, कुदवारी की कई कॉलोनी में बदहाल सड़कों के कारण रहवासी परेशान हैं।

निगम की आवास योजनाओं के सभी प्रोजेक्ट को गति देने आवास विभाग की तकनीकी टीम को निर्देशित किया है। समय-समय पर रिव्यू व स्थल निरीक्षण किया जाएगा। इन साइट का रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, प्रमुख बाजारों से लेकर भीड़भाड़ वाले अन्य सार्वजनिक स्थलों में प्रमोशन किया जाएगा।

स्वप्निल वानखड़े, आयुक्त, नगर निगम

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