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Agriculture : MP में बनी धान सीडर मशीन का एशियाई देशों में होगा प्रदर्शन, जर्मनी से कराया पेटेंट

मशीन का जर्मनी से पेटेंट कराया गया है। शुरुआती तौर पर 5 मशीनों का निर्माण किया गया है। इनका एशियाई देशों में प्रदर्शन किया जाएगा।

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Agriculture :कृषि विवि के वैज्ञानिकों से फिलीपींस के साथ मिलकर धान की सीडर मशीन विकसित की है, जो न सिर्फ बीजों का सटीक वितरण करेगी बल्कि उचित गहराई पर उर्वरक डालने में भी सक्षम है। इससे धान की खेती में आने वाली समस्याओं का समाधान होगा वहीं मानव श्रम भी बचेगा। मशीन का जर्मनी से पेटेंट कराया गया है। शुरुआती तौर पर 5 मशीनों का निर्माण किया गया है। इनका एशियाई देशों में प्रदर्शन किया जाएगा।

Agriculture : कृषि विश्वविद्यालय ने फिलीपींस के वैज्ञानिकों के सहयोग से की विकसित, आसान होगी बोवनी

धान की बोवनी किसानों के लिए सबसे अधिक मेहनत का काम होता है। मानव श्रम की अधिकता के कारण किसान अधिकतर मजदूरों की उपलब्धता के लिए परेशान रहते हैं। इस मशीन से किसानों का समय और मेहनत दोनों बचेंगे। इससे किसान अपनी फसल की वृद्धि और उत्पादकता में सुधार कर सकेंगे, खेती की प्रक्रिया आसान होगी।

Agriculture : 4 एचपी का एयर कूल्ड इंजन

इस सीडर मशीन में 4 एचपी का एयर कूल्ड इंजन लगाया गया है, जो गर्म भी नहीं होता है। इससे मशीन बिना रुके लंबे समय तक काम करेगी। मशीन ने 80 प्रतिशत की उ‘च क्षेत्र दक्षता के साथ प्रति घंटे 1 लीटर से कम ईंधन की खपत दर्ज की है। मशीन से फर्टीलाइजर वितरण से नाइट्रोजन के उपयोग की दक्षता में सुधार होगा। इससे उर्वरक की मात्रा कम करने, नाइट्रोजन का रिसाव, मिट्टी के क्षरण रोकने में मदद मिलेगी।

Agriculture : यह है विशेषता

  • 1.7 किमी प्रति घंटा संचालन गति
  • 21 किग्रा प्रति हेक्टेयर की बीज दर
  • 86 किग्रा प्रति हेक्टेयर की उर्वरक अनुप्रयोग दर
  • 01 लीटर से भी कम प्रति घंटे ईधन खपत

धान दुनिया की लगभग आधी आबादी के मुख्य भोजन में शामिल है। ऐसे में हमें तकनीकी उत्पादनों पर ध्यान देना होगा। प्रिसिजन हिल सीडर धान की खेती के यंत्रीकरण में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

  • डॉ.अतुल श्रीवास्तव, डीन कृषि अभियांत्रिकीय संकाय