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होला मोहल्ला पर्व में चढ़ेगा भक्ति और शक्ति का अद्भुत रंग

गुरुद्वारा ग्वारीघाट में सिख समाज के लोग मनाएंगे पर्व
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जबलपुर

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Abhimanyu Chaudhary

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Updated: 7 Mar 2020, 8:39 PM IST

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shabad kirtan

जबलपुर, आपसी रिश्तों में प्रेम का रंग घोलने वाले होली पर्व में लोग एक दूसरे को अबीर गुलाल लगाकर स्नेह-आशीर्वाद का आदान प्रदान करेंगे। उसी दौरान सिख समाज के लोग होला मोहल्ला पर्व मनाएंगे। परम्परागत रूप से मनाए जाने वाले होला मोहल्ला में शामिल लोगों पर भक्ति और शक्ति का अद्भुत रंग चढ़ेगा। इस आयोजन में शामिल होने के लिए शहर के बाहर के लोग भी आएंगे।गुरुद्वारा घाट में होला मोहल्ला पर्व में सिख समाज के लोग परिवार सहित शामिल होंगे। गुरु वाणी शबद कीर्तन के बीच काफी संख्या में लोग गुरु ग्रंथ साहिब का दर्शन करेंगे। वहीं इस मौके पर शार्य कला का प्रदर्शन भी लोगों को रोमांचित करेगा।

गुरुद्वारा समिति के सरदार रघुवीर सिंह रील ने बताया कि सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक आयोजन चलेगा। गुरु का अटूट लंगर चलेगा। दरबार साहिब अमृतसर के रागी जत्था विक्रमजीत सिंह, गुरविंदर सिंह पक्षी, कथावाचक करमवीर सिंह अपने साथियों के साथ भक्ति रस वर्षा करेंगे। लोग एक दूसरे से मिलकर शुभकामनाएं देंगे।
गुरु गोविंद सिंह ने शुरू की थी परम्परा
सिख समाज के सरदार कुलबीर सिंह ने बताया, गुरु गोविंद सिंह ने होला मोहल्ला पर्व की परम्परा शुरू की थी। उस दौर में कमजोर वर्ग के लोग कीचड़ से होली खेलते थे और उन्हें हथियार उठाने की स्वतंत्रता नहीं थी। गुरू गोविंद सिंह ने होली के दिन यह परम्परा शुरू की कि लोगों पर भक्ति और शक्ति का रंग चढ़े। उस जमाने में दो-दो के समूहों में हथियार प्रदर्शन के लिए छद्म युद्ध होते थे और जीतने वाले को इनाम दिया जाता था। उसी परम्परा के अंतर्गत होली के दिन होला मोहल्ला पर्व मनाया जाता है। भक्तिमय प्रस्तुति के दौरान शौर्य कला के प्रदर्शन से लोग रोमांचित होंगे। सिख पंथ के अलावा अन्य समाजों के लोग भी कार्यक्रम में शामिल होते हैं।