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Kaal bhairav ashtami: सिगरेट पीते हैं यहां के काल भैरव… देखने को उमड़ती है भीड़

काल भैरव के दरबार में अनूठे अंदाज में लगाई जाती है मनोकामना की अर्जी

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Kal bhairav pooja vidhi

काल भैरव के दरबार में अनूठे अंदाज में लगाई जाती है मनोकामना की अर्जी

जबलपुर। काल भैरव को मदिरा, फलों के रस या फिर अन्य वस्तुओं का भोग लगाए जाने के बारे में आपने खूब सुना होगा। काल भैरव अष्टमी के उपलक्ष्य में हम आपको बताने जा रहे हैं, ऐसे मंदिर (मठ) के बारे में जहां काल भैरव को सिगरेट पिलाई जाती है। मान्यता है कि महज एक सिगरेट के साथ अर्जी लगाने पर काल भैरव हर मनोकामना को पूरा कर देते हैं। गोंडवाना शासन काल में निर्मित इस मंदिर में तंत्र-मंत्र साधना का भी दौर चलता है। इसकी प्रसिद्धि इतनी है कि दूर-दूर से लोग अर्जी लगाने व दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। शुक्रवार 30 नवंबर को काल भैरव अष्टमी पर इस बार भी यहां भक्तों का तांता लगेगा। भैरव मठ में इसके लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

अष्टमी पर बड़ी साधना
ग्वारीघाट रोड स्थित टैगोर नगर में श्रीकाली भैरोमठ नाम से काल भैरव व काली मां का अति प्राचीन मंदिर है। जनश्रुति है कि दिव्य दिखने वाली इन दोनों प्रतिमाओं की स्थापना गोंडवाना शासनकाल में हुई थी। हालांकि इतिहासकार राजकुमार गुप्ता मानते हैं कि ये प्रतिमाएं और भी प्राचीन हैं। कभी यह मठ घने जंगलों के बीच हुआ करता था। उस समय खुली पहाड़ी पर ही भैरव व मां काली विराजमान थीं। वक्त के साथ यहां बसाहट आबाद हो गई और मठ बसाहट के बीच आ गया। अष्टमी को यहां पर विशेष तंत्र साधना भी की जाती है।

और बदलता गया स्वरूप
जानकारों का कहना है कि समय के साथ इस स्थान का स्वरूप भी बदल गया है। अब खुली पहाड़ी को एक मंदिर का रूप दे दिया गया है। भक्तों को मंदिर तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए सीढिय़ां बना दी गई हैं। मंदिर के चारों तरफ घने पेड़-पौधों का जंगल जैसा स्वरूप अब भी मौजूद है। आबादी के बीच इस मंदिर की छटा कुछ अलग ही दिखाई देती है।

हर रात होती है तंत्र साधना
पुजारी आकाश पुरी बताते हैं कि उनकी कई पीढिय़ां इस मंदिर की सेवा करती आ रही हैं। यहां हर रात तंत्र साधना होती है। हर प्रमुख तिथियों पर दूर-दूर से लोग तंत्र साधना व विभिन्न शक्तियों को जागृत करने के लिए आते हैं। शाम होते ही यहां तंत्र-मंत्र की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। विशेषकर काल भैरव अष्टमी की रात यहां खास आयोजन होता है। लोग दूर-दूर से मन्नत लेकर मंदिर में पहुंचते हैं। यहां सच्चे मन से जो कुछ भी मांगा जाता है, वह अवश्य पूरा होता है।

बस सिगरेट का चढ़ावा
पुजारी के अनुसार इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता यहां का चढ़ावा है। किसी भी प्रकार की शारीरिक या मानसिक परेशानी हो, बस एक सिगरेट चढ़ा देने मात्र से काल भैरव हर कष्ट दूर कर देते हैं। यदि कोर्ट केस आदि में परेशान हो तो अपने ऊपर से नींबुओं की माला को भी फेरकर यहां चढ़ाया जाता है। मंदिर के पीछे चौसठ योगिनियां भी विराजी हैं, यहां भी हवन और विशेष तंत्र साधना की जाती है। पुजारी के अनुसार ऊं ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय रक्षां कुरु ह्रीं ऊं मंत्र का 21 बार जाप करने से भी यहां अनेक ग्रह बाधाओं से मुक्ति मिल जाती है।