
प्रतीकात्मक तस्वीर: पत्रिका
loan interest rate : सूदखोर पिता-पुत्र ने एक युवक को दस प्रतिशत ब्याज दर पर सात लाख रुपए उधार दिए। दो लाख रुपए पर 20 प्रतिशत की दर से ब्याज और पांच लाख रुपए पर दस प्रतिशत ब्याज तय हुआ। कर्ज लेने वाले ने 21 लाख 25 हजार रुपए चुकाए, इसके बावजूद ब्याज का मीटर बंद नहीं हुआ। ब्याज नहीं देने पर पिता-पुत्र ने उसे धमकाया। पनागर पुलिस ने आरोपियों पर कर्जा एक्ट, धमकी देने और एससीएसटी एक्ट की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है।
पुलिस ने बताया कि बिलपुरा रांझी निवासी रंजीत चौधरी ने वर्ष 2015 में ग्राम पडरिया में जमीन ली। जिसमें वह प्लॉटिंग कर रहा था। उसने सूदखोर चन्द्रशेखर वार्ड मानेगांव रांझी निवासी अनिल गुप्ता से दो लाख रुपए दस प्रतिशत मासिक ब्याज दर पर लिए। वह प्रतिमाह 20 हजार रुपए ब्याज चुकाने लगा। बाद में अनिल ने उसे धमकाया और ब्याजदर 20 प्रतिशत कर दी। जिस कारण उसे 40 हजार रुपए प्रतिमाह चुकाने पड़े। 2018 में रंजीत ने अनिल से 10 प्रतिशत मासिक ब्याज पर पांच लाख रुपए और लिए थे। ब्याज की राशि रंजीत ने चेक और कैश में चुकाई। उसने अनिल, उसके बेटे संदल गुप्ता और भतीजे सोमित गुप्ता के नाम पर चेक काटे थे।
चेक के जरिए अनिल और संदल को रंजीत ने 15 लाख 75 हजार रुपए और नकद पांच लाख 50 हजार रुपए दिए। इसके बाद ब्याज देना बंद कर दिया। आठ अप्रेल को अनिल और उसका बेटा संदल रंजीत की साइट पहुंचे। ब्याज नहीं मिलने पर उसे धमकाया। जातिसूचक अपशब्द कहे। दोनों ने उसे जान से खत्म करने की धमकी दी। पुलिस जांच कर रही है।
Updated on:
23 Apr 2025, 11:42 AM IST
Published on:
23 Apr 2025, 11:41 AM IST
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