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अद्भुत है ये दिमाग तेज करने वाली बूटी, खाने का तरीका भी निराला

हम आपको आज एक ऐसी जड़ीबूटी के बारे में बता रहे हैं जिसे खाने की विधि भी निराली है। आयुर्वेदशास्त्र में ये विशेष महत्व रखती है।
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Abha Sen

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Oct 25, 2015

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जबलपुर। आपने कभी ऐसी जड़ीबूटी के के बारे में सुना है जिसे खाने या पीने से दिमाग तेज होता है। जी हां, आपने मार्केट में मिलने वाली ऐसी अनेक जड़ी बूटियों के बारे में सुना होगा, लेकिन हम आपको आज एक ऐसी जड़ीबूटी के बारे में बता रहे हैं जिसे खाने की विधि भी निराली है। सिर्फ वेद पुराणों के ज्ञाता ही इस पर भरोसा नहीं करते, बल्कि आयुर्वेदशास्त्र में ये विशेष महत्व रखती है।

इस जड़ी बूटी को ब्राम्ही के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है कि ये अति दुर्लभ है। इसलिए हिमालय व विंध्याचल पर्वतमालाओं में ही पायी जाती है। वैसे तो इसे पहचानना बहुत ही आसान है लेकिन जो इसे व इसके गुणों को नहीं जानते उनके लिए ये जंगली पत्तों के अतिरिक्त कुछ भी नहीं।
विशेष तरीका

कहा जाता है कि ब्राम्ही का लाभ तभी प्राप्त होता है जब इसे शरद पूर्णिमा के दिन नर्मदा जल में गले तक डूबकर पिया जाए। आज के वैज्ञानिक युग में भी माता-पिता अपने बच्चों के लिए इस तरीके को अपनाने से नहीं चूकते। वे शरद पूर्णिमा की अलसुबह नर्मदातट पर पहुंचकर बच्चों को नर्मदा जल में गले तक खड़ाकर इसे पिलाते हैं।

देखने मिलेगा नजारा

27 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा को एक बार फिर ये नजारा नर्मदा तट पर देखने मिलेगा। बताया जाता है कि ये बूटी ग्वारीघाट में ही मिल जाती है जहां पहले से ही साधु व अन्य इसे लेकर आते हैं और जो भी स्वेच्छा से इसका उपयोग करना चाहते हैं उन्हें दी जाती है। ये बूटी अत्यंत की गुणकारी बताई गई है, जिसकी वजह से आज भी इसका महत्व है।
विद्वानों के अनुसार ब्राम्ही अत्यंत लाभकारी जड़ीबूटी है। इसे पिलाने का तरीका चाहे जो भी हो लेकिन ये लाभप्रद है। इससे याददाश्त तेज व मजबूत होती है। ये बहुत सी आयुर्वेदिक दवाईयां बनाने में काम आती है।