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जुड़वा बहनों का एक और सच… गीता को चोट लगे तो सीता को भी होता है दर्द, देखें वीडियो

दिन भर चर्चाओं में रहा जुड़वा बहनों का अजब संयोग, परिवार को कलेक्टर ने दिलाया मदद का भरोसा

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amazing true story of two twins sisters

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कटनी/जबलपुर। फिल्मी कहानी के पात्रों की तरह रियल लाइफ की जुड़वा बहनों को अंदाज शनिवार को कटनी में चर्चा का विषय रहा। एक को चोट लगने पर दूसरी जुड़वा बहन को दर्द होना, एक को नींद आने पर दूसरी का भी सो जाना और एक के रोने पर दूसरी बहन का भी रो देना.. जैसे अजीब संयोग को देखने के लिए कई लोग सीता और गीता के अमीरगंज स्थित घर तक पहुंच गए। उनसे पूछताछ और गपशप का दौर चलता रहा। अजीब सच ने सभी को हैरान कर दिया। कलेक्टर ने मामले को संज्ञान में लेकर परिवार की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं।

जुड़वा बहन गीता और सीता के एक जैसी गतिविधियों के खुलासे की पत्रिका की खबर शनिवार को सोशल मीडिया पर भी छायी रही। लोगों ने इसे खूब शेयर किया। हर तरफ जुड़वा बहनों की चर्चा रही। उल्लेखनीय है कि रेलवे लाइन के सामने अमीरगंज निवासी शिवचरण चौधरी की 10 वर्षीय जुड़वा बेटी गीता और सीता कक्षा 8वीं में पढती हैं। दोनों बेटियों के जन्म में सिर्फ 10 मिनट का फर्क है, लेकिन उनकी गतिविधियां बिल्कुल एक जैसी हैं। उनके चेहरे भी आपस में मिलते-जुलते हैं। उनके दादा राजकुमार चौधरी की मानें तो कई बार वे और मोहल्ले को लोग भी उन्हें यकायक पहचानने में धोखा खा जाते हैं।

तो दूसरी को निकल आया खून
सीता-गीता के दादा रामकुमार ने बताया कि कुछ महीने पहले उन्होंने सीता की नाक का छेदन करवाया था। इस दौरान उसकी नाक से खून बहने लगा। थोड़ी ही देर में गीता भी एकाएक रोने लगी। उसकी भी नाक से खून बहने लगा। इसके बाद उसकी नाक का भीछेदन कराया गया। इस घटना को पूरे मोहल्ले के लोगों ने देखा था।

सीता लगी चोट तो गीता को हुआ दर्द
जुड़वा बहनों के पिता शिवचरण चौधरी, मां सुनीता चौधरी व स्थानीय निवासी शीतल सिंह, सपना चौधरी ने बताया कि एक बार स्कूल में करिश्मा नाम की छात्रा से सीता का विवाद हुआ। उसने सीता के साथ मारपीट कर दी तो घर पर गीता को भी दर्द होने लगा। वह जोर जोर से रोने लगी। इतने में ही स्कूल के कुछ बच्चे घर पहुंचे और गीता-सीता के पिता शिवचरण से बताया कि सीता के साथ में करिश्मा ने मारपीट की है। जाकर देखा तो यह हकीकत सामने आई। हालांकि यह घटना पहली और अकेली नहीं है। पूर्व में भी इस तरह के हैरान करने वाले कई घटनाक्रम सामने आ चुके हैं। अब परिजनों के लिए यह सामान्य बात हो गई है, लेकिन अनजान लोग इसके बारे में सुनकर हैरान रह जाते हैं। साथ में पढऩे-खेलने वाली छात्रा दिव्या व हर्षु सिंह ने बताया कि जब भी गीता या सीता कुछ करती हैं तो अपने आप दूसरी भी वही करने लग जाती है, यह उन्होंने कई बार देखा है।


रिक्शा ही भरण-पोषण का जरिया
अमीर गंज में खपरे वाले छोटे से मकान में रह रहे शिवचरण चौधरी ने बताया कि उसके 70 वर्षीय पिता रामकुमार रिक्शा चलाकर बच्चों का लालन-पालन करते थे। अब वह भी पिता की तरह रिक्शा चलाकर परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। एक कमरे के कच्चे मकान में गुजर-बसर हो रही है। शिवचरण ने बताया कि तीन साल पहले उसने नगर निगम में आवास के लिए आवेदन किया था। प्रेमनगर में आवास के लिए उनका नाम भी सूची में आ गया था, लेकिन अभी तक वह मिला नहीं है। शिवचरण का कहना है कि उसके घर-परिवार के लोग अमीरगंज बस्ती में ही रहते हैं यदि उसे यहीं पर पीएम आवास योजना का लाभ मिल जाए तो बेहतर रहेगा।

ये आदतें भी एक जैसी
- एक साथ खाना।
- एक साथ प्रसाधन जाना।
- एक साथ एक जैसा खेलना।
- एक साथ पढ़ाई करना।
- बाल और चेहरे एक जैसे।
- बातचीत और रहन-सहन।

ऐसे सामने आया मामला
उल्लेखनीय है कि 10 वर्षीय गीता शुक्रवार को कटनी के जिला अस्पताल में लाया गया। उसका इलाज चल ही रहा था कि परिजन पीछे से उसकी जुड़वा बहन सीता को लेकर अस्पताल पहुंच गए। अस्पताल में मौजूद चिकित्सक तब हैरान रह गए जब परिजनों ने बताया कि गीता और सीता के साथ अक्सर ऐसा ही होता है। यदि गीता को चोट लगती है तो सीता को भी दर्द होने लगता है। सीता को कोई बीमारी होती है, तो गीता भी अपने आप बीमार हो जाती है। दो जिस्म मगर एक जान की तरह उन्हें हंसी और नींद भी लगभग एक साथ ही आती है। पत्रिका ने जुड़वा बहनों के इस अजीब संयोग की इस खबर को प्रकाशित किया। शनिवार को जुड़वा फिल्म की कहानी की तर्ज पर यह रोचक संयोग हर तरफ चर्चा का विषय बना रहा।


इनका कहना है
बच्चियों की इस अनुवांशिक गतिविधि के बारे में पत्रिका के माध्यम से जानकारी लगी है। बच्चियों के लिए जो संभव मदद होगी, वह की जाएगी। सीता-गीता के पिता की यदि माली हालत ठीक नहीं है तो अधिकारियों को मौके पर भेजकर पता लगाया जाएगा। प्रेमनगर वाला आइएचडीपीएस आवास क्यों नहीं मिला, इसका भी पता लगाया जाएगा। अभी नए पीएम आवास बन रहे हैं उससे शिवचरण को दिलाने के प्रयास किए जाएंगे।
केवीएस चौधरी, कलेक्टर