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बूंद-बूंद पानी बचाने के लिए आकार ले रहे अमृत सरोवर

जबलपुर जिले के गांवों में अब तक 56 तालाब बने  

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gwalior talab

11 तालाबों की मरम्मत पर हर वर्ष 50 लाख खर्च, मुरार के 7 तालाबों पर 4 करोड़, पानी फिर भी नहीं

ये है स्थिति
- 101 तालाबों का जिले में होना है निमपा्रण
-56 जनपदों में काम पूरा
- 17.49 करोड़ रुपए आएगी लागत
- 07.50 रुपए अब तक हुए खर्च

जबलपुर। जल संरक्षण के लिए ग्रामीण क्षेत्र में अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे तालाबों में अतिरिक्त पानी निकालने के लिए वेस्ट वेयर बनाए जा रहे हैं। जिन तालाबों में वेस्ट वेयर का निर्माण होना है, उनका मूल्यांकन किया जा रहा है। इसमें यह देखा जा रहा है कि कितने भाग में कितना पानी भरा था। आगामी बारिश में कितना पानी निकलेगा।

अमृत सरोवर योजना के तहत जिले में 101 तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। अभी तक 56 तालाबों का निर्माण हुआ है। इनमें से कुछ बारिश के पहले तैयार हो गए थे। उनमें बारिश का पानी जमा हुआ था। जबकि कुछ तालाब ओवरफ्लो हुए थे। इसका मूल्यांकन किया गया। अब इन तालाबों में अतिरिक्त पानी को निकालने के लिए वेस्ट वाटर के लिए प्रणाली बनाई जा रही है। अभी कुछ जनपदों में काम शुरू हुआ है।

तहत जिले की विभिन्न जनपद पंचायतों में मनरेगा के तहत एक सैकड़ा से ज्यादा साइट पर तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। इसकी लागत 17 करोड़ 49 लाख रुपए है। अब तक इस योजना में मजदूरी के रूप में 4 करोड़ 80 लाख रुपए और निर्माण सामग्री पर 2 करोड़ 74 लाख रुपए खर्च हुए हैं। हालांकि लक्ष्य के अनुरूप अभी तक 56 तालाबों का निर्माण हुआ है।

अगस्त तक होना है काम

अमृत सरोवरों के निर्माण का उद्देश्य जल संरक्षण और भूूमिगत जल की मात्रा बढ़ाना है। इस पानी का उपयोग किसान फसलों की सिंचाई के लिए कर सकते हैं। बाद में इनका संचालन किसानों की समितियां करेंगी। इसमें सिंघाड़े की फसल भी लगाई जा सकती है। सरकार की ओर से तालाबों का निर्माण अगस्त तक पूरा करना है।


बारिश के सीजन में तालाबों में भरे अतिरिक्त पानी को निकालने के लिए वाटर वेस्ट का निर्माण शुरू किया गया है। मूल्यांकन के आधार पर कुछ तालाबों में काम शुरू हुआ है। जिले के पास जो संपूर्ण लक्ष्य है, उसे मार्च तक पूरा करने की योजना है।
मनोज सिंह एडिशनल सीइओ, जिला पंचायत