प्रवीण गजभिये, रामचरण साकेत, विनय बौद्ध, महेन्द्र, अनुज आदि ने आरोप लगाया कि वारदात के बाद घमापुर पुलिस ने आरोपितों पर मामूली धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया। उनका यह भी आरोप है कि सूदखोरों ने पूरे इलाके में जाल फैला रखा है। वे 10 से 20 प्रतिशत मासिक ब्याज पर रुपए उधार देते हैं। यदि कोई ब्याज चुकाने या मूलधन देने में देरी करे, तो आरोपित उस पर हमला तक करते हैं। पीडि़तों ने कई बार आरोपितों की शिकायत घमापुर थाने में की, लेकिन पुलिस ने शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया।