
Covid hospitals में कोरोना वॉरियर्स के लिए सुरक्षित रखने होंगे बेड
जबलपुर. कोरोना संकट की आड़ में कमाई करने के लिए सरकार के निर्देशों से लेकर तमाम नियमों को ताक पर रखने वाले निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब की स्वास्थ्य विभाग अनदेखी कर रहा है। सरकारी स्वास्थ्य सेवा विश्वास की कमी से जूझ रही है। ज्यादातर मरीज कोविड का उपचार कराने के लिए निजी अस्पतालों में पहुंच रहे है। जहां से हर दिन मरीजों से ज्यादा शुल्क लेने और पीपीइ, टेस्ट सहित अन्य मदों के लिए अतिरिक्त राशि वसूलने की शिकायत मिल रही है। ज्यादा कमाई के फेर में कुछ निजी अस्पतालों के किराए के बारातघर, होटल और हॉल लेकर कोविड आइसोलेशन सेंटर बनाने का मामला भी सामने आ चुका है। कुछ जगह पर स्टाफ की लापरवाही से मरीज की मौत के बाद परिजन हंगामा कर चुके है। प्रशासन की अल्टीमेटम के बावजूद अस्पताल और पैथोलॉजी सेंटर कोविड उपचार एवं जांच शुल्क की जानकारी रिसेप्शन पर प्रदर्शित नहीं कर रहे है। शिकायत पर स्वास्थ्य विभाग सिर्फ जांच की बात कर रहा है। कड़ी कार्रवाई से कतराने से निजी समूहों की मनमानी बढ़ती मनमानी मरीजों पर भारी पड़ रही है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के पदाधिकारी से बातचीत के कुछ अंश...
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सवाल-जवाब: कोविड जांच व उपचार में मनमानी पर नरम पड़े जिम्मेदार
डॉ. रत्नेश कुररिया, जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी
दावा- शिकायत मिलने पर तुरंत जांच और कार्रवाई करते है
डॉ. दीपक साहू, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, लोकल ब्रांच
दावा- मरीज के हित में बेहतर व्यवस्था का प्रयास कर रहे है
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सवाल: प्राइवेट अस्पतालों ने होटल और हॉल लेकर आइसोलेशन सेंटर बना लिए है। मरीजों को भर्ती कर रहे है? यह सही है?
कुररिया- किराए के भवन में कोविड केयर सेंटर बनाकर मरीजों को उपचार करने की बात सामने आयीं थी। ऐसे सेंटर को तुरंत नियमों की पालना के निर्देश दिए। गम्भीर मरीजों का उपचार अस्पताल में ही होगा।
- साहू - कोरोना पीक के दौरान सिर्फ आइसोलेशन के लिए कहां गया था। वे पॉजिटिव मरीज जो गम्भीर नहीं है, उन्हें अंडरऑब्जेर्वेशन रखना था। ताकि समस्या बढऩे पर उन्हें अस्पताल में तुरंत शिफ्ट कर सकें।
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सवाल : कुछ जगह बारातघर और होटल में ऑक्सीजन तक दे रहे है? वहां प्रशिक्षित स्टाफ नहीं हे? कार्रवाई नहीं कर रहे है?
कुररिया - यह शिकायत आयीं थीं। अधिकारियों की टीम बनाकर जांच के लिए निर्देशित किया है।
साहू - कुछ जगह ट्रीटमेंट और ऑक्सीजन दिया जा रहा था। इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई है।
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सवाल: प्राइवेट अस्पताल और पैथोलॉजी सेंटर में ज्यादा फीस लेने की मरीज लगातार शिकायत कर रहे है। सख्त कदम क्यों नहीं उठा रहे है?
कुररिया- कोविड उपचार और टेस्ट का शुल्क निर्धारित है, उतना ही मरीज को देना है। एक पैथोलॉजी ने ज्यादा शुल्क लिया था, तुरंत कार्रवाई करते हुए मरीजों को अतिरिक्त शुल्क की राशि वापस दिलाई गई।
साहू- प्रशासन के साथ चर्चा के बाद उपचार की दर निर्धारित हुई है। कोविड जोखिम के कारण कुछ खर्च बढ़ें है। सभी अस्पताल तय दर पर उपचार कर रहे हैं।
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सवाल: सभी अस्पताल और लैब को कोविड उपचार और टेस्ट दर का रिसेप्शन में जानकारी प्रदर्शित करना है। ये क्यों नहीं लगाए जा रहे है?
कुररिया: अस्पतालों को शुल्क की जानकारी प्रदर्शित करने फॉर्मेट देते हुए वैसा बैनर लगाने कहा है। जंाच करा रहे है, जहां जानकारी नहीं मिलेगी जरुरत पड़ी तो सील करने की कार्रवाई करेंगे।
साहू- यह सरकार ने निर्देशित किया है। सभी को पालना करना है। यदि कहीं कोई समस्या है प्रबंधन जानकारी दे तो सरकार से चर्चा करके निराकरण के प्रयास करेंगे।
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सवाल: सरकारी अस्पताल में हर सुविधा होने का दावा किया जा रहा है? लेकिन ज्यादातर लोग प्राइवेट मे ंउपचार कराना चाहता है? क्या कारण है?
कुररिया- सरकारी व्यवस्थाओं में लगातार सुधार हुआ है। ऑक्सीजन बेड से लेकर नए आइसीयू है। भर्ती होने वाले मरीज लगातार स्वस्थ्य हो रहे है। निजी की तरह सुविधा देने के लगातार प्रयास है।
साहू- कोरोना के 80-85 प्रतिशत मरीज होम आइसोलेशन में अनुशासन से रहने पर स्वस्थ्य हो जाते है। लोग जागरुकता दिखाए, किसी भी प्रकार के बुखार की अनदेखी ना करें। समय पर जांच कराने पर ज्यादातर को अस्पताल में भर्ती होने की जरुरत नहीं पड़ेगी7
Published on:
11 Oct 2020 08:12 pm
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