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टेलर के पास मिला युद्ध में पहनी जाने वर्दी का प्रतिबंधित कपड़ा, बन सकती हैं 13 सौ वर्दी

कॉम्बेट यूनिफॉर्म की कैंटीन के बाहर बिक्री प्रतिबंधित है    

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army war uniform fabric

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जबलपुर. सदर बाजार के एक स्टोर और टेलर के पास से सेना की न्यू पैटर्न कॉम्बेट यूनिफॉर्म का कपड़ा जब्त किया गया है। सैन्य प्रशासन ने केंट थाने में स्टोर संचालक और टेलर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराया है। मिलिट्री इंटेलीजेंस के अधिकारियों को जानकारी मिली थी कि सदर बाजार में सेना की यूनिफॉर्म तैयार की जा रही है। इसका इस्तेमाल सैनिक से लेकर अधिकारी युद्ध के समय करते हैं। इसलिए इसकी बिक्री सीएसडी कैंटीन के अलावा कहीं और नहीं की जाती। यह एक पीस पैक में आता है। इससे एक ही यूनिफॉर्म बन सकती है। ताकि, इस वर्दी का दुरुपयोग न हो सके।

कैंट थाना प्रभारी राजकुमार खटीक ने बताया कि सदर स्थित कई दुकानों से सेना एवं पुलिस की वर्दी की बिक्री की जाती है। सेना के अधिकारी को सूचना मिली थी कि कुछ दुकान संचालक उस वर्दी की भी बिक्री कर रहे हैं, जो सिर्फ कैंटीन में मिलती है और दुकानों पर उसका विक्रय प्रतिबंधित है। सेना अधिकारियों का दल उक्त दुकानों पर पहुंचा और जांच की, तो सूचना सही निकली। मामले की जांच की जा रही है।

संयुक्त दल ने मारा छापा

मिलिट्री इंटेलीजेंस और केंट पुलिस ने शुक्रवार शाम एक साथ सदर में आर्मी पुलिस स्टोर्स पर छापा मारा। यहां के गोदाम में तीन थान कपड़ा मिला। इतने कपडे़ से तीन हजार यूनिफॉर्म तैयार की जा सकती हैं। सदर में ही मॉर्डन टेलर्स के यहां कार्रवाई में 270 यूनिफॉर्म का कपड़ा मिला। इसकी कटिंग हो चुकी थी।