
MP Vidhan Sabha Election
हर उम्मीदवार का वॉट्सऐप फेसबुक, ट्विटर और दूसरे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एकाउंट हैं। सभी ने इसे हैंडल करने की जिम्मेदारी प्रचार कार्यक्रम देख रहे कार्यकर्ताओं को दे रखी है। कुछ तो पेशेवर अंदाज में इसका संचालन कर रहे हैं। शेयर होने वाली सामग्री का अंदाजा बिलकुल अलग है। वीडियो और फोटो प्रोफेशनल्स की तरह शेयर की जा रही है। सत्ताधारी पार्टी का उम्मीदवार हो या विपक्ष का, अखबारों की कटिंग डाल रहे हैँ, वीडियो भी शेयर किए जा रहे हैं। एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। कोई समर्थक उनके समर्थन में कमेंट करता है, तो दूसरा आलोचना करने में जुट जाता है।
एक प्रत्याशी को न लाइक न कमेंट
कुछ साल से लगातार विधानसभा जा रहे एक विधायक अपनी पोस्ट खूब डाल रहे हैं। लेकिन, उसमें कमेंट और लाइक कम मिल रहे हैं। कमेंट भी केवल उनके समर्थकों के रहते हैं। आम आदमी चुप्पी साधे हुए हैं। वह तो मतदान के दिन ही उनके कार्यों का जवाब देगा। अपनी पोस्ट में उम्मीदवार ने रोज के कार्यक्रम से लेकर म्यूजिक के साथ अपने एलबम भी डाले हैं। लेकिन, रेस्पॉन्स उतना नहीं मिल रहा। इस बात से लेकर मीडिया सलाहकार भी सन्न हैं। वे रोज नई तरकीब निकाल रहे हैं।
लोगों से कहलवा रहे क्या किया
एक विधानसभा क्षेत्र के उम्मीदवार खुद तो अपने शासनकाल की उपलिब्धयों का बखान कर रहे हैं। साथ ही अपने समर्थन में मतदाताओं के वीडियो बनवाकर उन्हें सोशल मीडिया पर अपलोड करवा रहे हैं। गौर करने वाली बात है कि जितने भी वीडियो बने, उनमें कोई व्यक्ति किसी मंजे कलाकार से कम नहीं दिखा। बेबाकी से उनके पक्ष में बात करते हैं। कुछ कमेंट कमेंट ऐसे हैं कि लोग आपस में उलझ पड़ते हैं। तारीफ के बीच यह कहा गया कि नाम वापस ले लो, ताकि हार देखने से बच सको।
फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजने में पीछे नहीं
अभी तक लोग नेताजी को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे, तो अब उम्मीदवार के सोशल मीडिया को हैंडल करने वाले लोग अपने क्षेत्र के कार्यकर्ता को इसे भेजे रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने उनके नाम और नंबर के साथ फेसबुक आईडी मंगाई जा रही है। इससे उनके फॉलोअर्स की संख्या में इजाफा हो रहा है। वे कम्युनिटी ग्रुप के माध्यम से रोजाना एक साथ गुडमार्निंग भी भेज रहे हैं।
धार्मिक क्षेत्र में दिखी ज्यादा सक्रियता
एक विधानसभा का बड़ा इलाका कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों वाला है। ऐसे में जो उम्मीदवार घोषित हुए हैं, उनकी सक्रियता इस तरह के कार्यक्रमों में बनी हुई है। वे जहां जाते हैं, वहां की फोटो और वीडियो शेयर करने से नहीं चूक रहे। विरोधी उसमें अपने कमेंट करने लगते हैं। हालांकि, वे भौतिक रूप से लोगों के बीच ज्यादा पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं।
ऐसे कमेँट आ रहे
-आपकी जीत पक्की है भैया।
- अभी कोई नहीं है टक्कर में।
- चुनाव जीत जाओगे भाईसाब।
-हमारे भैया हमारा स्वामिमान हैं।
- लगता है आपके भाग्य में मंत्री पद है।
-यह कार्यक्रम हो गया मुझे जानकारी तक नहीं।
Published on:
17 Oct 2023 01:22 pm
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