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पतंजलि ने लगाया 4 लाख का चूना, बाबा रामदेव की कंपनी ने नहीं भेजे प्रोडेक्ट

ayurvedicभारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों के साथ धोखेबाजी, गौर पुलिस चौकी ने दर्ज किया प्रकरण

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patanjali ayurved

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जबलपुर। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के जवानों की पतंजलि प्रोडक्ट की मांग आईटीबीपी को भारी पड़ गई। जवानों की मांग पूरी करने के लिए आईटीबीपी की जमतरा यूनिट केंटीन ने बाबा रामदेव की कंपनी को चार लाख रुपए के ऑर्डर भेजे। कंपनी की मांग पर आईटीबीपी के अधिकारियों ने उनके बैंक खाते में रकम भी जमा कर दी। लेकिन कई दिन बाद भी बाबा रामदेव की कंपनी की तरफ से कोई माल नहीं पहुंचा। आईटीबीपी के अधिकारियों ने जब बाबा रामदेव की कंपनी से संपर्क किया तो उन्होंने किसी भी प्रकार आर्डर बुक होने की बात से ही इनकार दिया। गौर पुलिस चौकी में मामला प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
इंटरनेट में सर्च की वेबसाइट
पुलिस के अनुसार आईटीबीपी को गौर चौकी अंतर्गत जमतरा यूनिट कैन्टीन के लिए पतंजलि प्रोडक्ट की आवश्यकता थी। इसके लिए उन्होंने इंटरनेट पर पतंजलि नाम की वेबसाइट देखी। इस वेबसाइट पर आईटीबीपी अधिकारियों ने पतंजलि प्रोडक्ट की सूची देखी। इसी वेबसाइट के जरिए प्रोडक्ट ऑर्डर कर दिए।
वेबसाइट पर दर्ज मोबाइल नंबर पर ऑर्डर किया
आईटीबीपी के अधिकारियों ने इंटरनेट पर मिली पतंजलि की वेबसाइट में मौजूद मोबाइल नंबर पर संपर्क भी किया। इस मोबाइल नंबर पर उन्होंने संपर्क कर बताया कि जमतरा स्थित आईटीबीपी की यूनिट कैन्टीन को पतंजलि के प्रोडक्ट की खरीदी करनी है। उन्होंने प्रोडक्ट का ऑर्डर दे दिया।
फोन आया अकाउंट नंबर दिया, बोला पैसे जमा कर दे
पुलिस के अनुसार वेबसाइट पर ऑर्डर बुक करने के बाद आईटीबीपी अधिकारियों के पास एक युवक का फोन आया। उसने उन्हें एक अकाउंट नंबर दिया। एडवांस जमा करने पर पतंजलि प्रोडक्ट डिलेवर करने की बात कही। इस पर युवक द्वारा दिए गए अकाउंट में आईटीबीपी के अधिकारियों ने दो बार में दो-दो लाख रुपए यानी कुल चार लाख रुपए जमा कराए। इसके बाद वेबसाइट और युवक का मोबाइल नंबर बंद हो गया।
चारसौबीसी का प्रकरण दर्ज
पुलिस के अनुसार आईटीबीपी जमतरा के असिस्टेंट कमांडेन्ट दिलीप कोरी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनकी यूनिट कैन्टीन के लिए वेबसाइट के जरिए पतंजलि प्रोडक्ट ऑर्डर किए गए थे। उसके बाद किसी युवक का फोन आया था। उसने वेबसाइट का कर्मी होने का हवाला देते हुए बैंक अकाउंट नंबर देकर उसमें चार लाख रुपए जमा करने के लिए कहा। लेकिन सामान नहीं पहुंचा। मोबाइल नंबर भी बंद हो गया। असिस्टेंट कमांडेन्ट की रिपोर्ट पर धारा 420 का प्रकरण दर्ज िकया गया है।