
हाईकोर्ट के आदेश की आड़ में निजी स्कूल कर रहे अवैध फीस की वसूली, नाराज पालकों ने जांच की रखी मांग ...
जबलपुर। स्कूल शिक्षा विभाग की नई योजना पर यदि अमल किया जाता है तो जिले के 263 से अधिक स्कूलों में कभी भी ताला लग सकता है। शिक्षा विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी गई है। कम संख्या वाले स्कूलों की प्रोफाइल तैयार की जा रही है। सूत्रों के अनुसार विभाग ने निर्णय लिया है कि 20 से कम संख्या वाले ऐसे प्राइमरी और मिडिल स्कूलों को अन्य स्कूलों में मर्ज किया जाएगा। जिले की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि जिले में करीब 263 स्कूल इस दायरे में आ रहे हैं। ऐसे सर्वाधिक स्कूल ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हैं। 600 शिक्षक होंगे शिफ्टजिले के 263 स्कूलों में करीब 4 हजार छात्र ही अध्यनरत हैं। जबकि इन स्कूलों में करीब 600 शिक्षकों का लंबा चौड़ा स्टाफ कार्यरत है। इन शिक्षकों पर विभाग को हर माह लाखों रुपए वेतन के रूप में खर्च कर रहा है। वहीं दूसरी और कई स्कूल ऐसे हैं जहां छात्र संख्या अधिक होने के बाद भी शिक्षकों की संख्या कम है।
नई कवायद : स्कूलों में छात्रों की संख्या बेहद कम, छात्रों को अन्य स्कूलों में किया जाएगा मर्ज
जिले में 263 सरकारी स्कूलों को बंद करने की तैयारी में है शिक्षा विभाग
संभाग के 2232 स्कूलों पर गिरेगी गाज-
जबलपुर संभाग के जबलपुर के अलावा नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट जिले हैं, जहां बड़ी संख्या में ऐसे प्राइमरी और मिडिल स्कूल हैं जहां छात्रों की संख्या बेहद कम है। करीब 2232 स्कूलों को बंद किया जा सकता है। संभागवार जिलों की रिपोर्ट तैयार करना शुरू कर दी गई है।
जिले से ऐसे स्कूलों की जानकारी विभाग ने मांगी थी। हमने रिपोर्ट तैयार कर भेज दी गई है। आगे का निर्णय विभाग को लेना है।
- योगेश शर्मा, जिला परियोजना समन्वयक
Updated on:
12 Aug 2020 12:14 pm
Published on:
12 Aug 2020 12:14 pm
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