
beautiful bride and groom for marriage
जबलपुर. आपाधापी के इस दौर में विवाह योग्य युवक-युवतियों के लिए सुयोग्य जीवनसाथी खोजना मशक्कत का काम है। ऐसे में विभिन्न समाजों द्वारा प्रकाशित की जाने वाली वैवाहिक पत्रिकाएं मध्यम व निम्न मध्यमवर्गीय लोगों के लिए सुविधाजनक साबित हो रही हैं। इनसे जहां योग्य वर-वधू की तलाश आसान हो जाती है, वहीं अनावश्यक खर्च भी बचता है। विवाह का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे में सभी जाति-समाजों की ओर से वैवाहिक पत्रिका के नए अंक प्रकाशित होंगे। सामाजिक युवक-युवती परिचय या विवाह सम्मेलन में पत्रिकाओं का विमोचन होगा। इसलिए वैवाहिक पत्रिकाओं को अपडेट करने के मकसद से विवाह योग्य युवाओं का डाटा सहेजा जा रहा है।
अनेक समाज तैयार कर रहे वैवाहिक पत्रिका
वैवाहिक पत्रिकाएं बनीं मनचाहा जीवनसाथी खोजने में मददगार, जुटा रहे देशभर से डाटा
पत्रिका के जरिए होते हैं सैकड़ों विवाह
युवा यादव महासभा के शशांक यादव ने बताया कि हर साल 400-500 विवाह सामाजिक विवाह पत्रिका के जरिए होते हैं। इस बार भी वैवाहिक पत्रिका के लिए विवाह योग्य युवाओं के बायोडाटा सहेजे जा रहे हैं। कोष्ठा समाज के अध्यक्ष राकेश गढेवाल ने बताया कि समाज की वैवाहिक पत्रिका में विवाह योग्य युवक-युवतियों की जानकारी प्रकाशित करने के लिए डेटा आमंत्रित किए जा रहे हैं। पत्रिका के जरिए विवाह तय करने वाले युवक-युवतियों को परिचय व विवाह सम्मलेन में सम्मानित किया जाता है। इस बार वैवाहिक पत्रिका के लिए 200 युवाओं की जानकारी संकलित की जा रही है।
कई रिश्ते हो चुके तय
सामाजिक संगठनों के अनुसार अभिभावकों के साथ ही विवाह योग्य युवा भी कई दिनों से वैवाहिक पत्रिका व परिचय सम्मेलन को लेकर सम्पर्क में हैं। कई युवाओं के विवाह सम्मेलन में आए बिना ही समाज की वैवाहिक पत्रिका के माध्यम तय हो चुके हैं। अब इन्हें विवाह सम्मेलन का इंतजार है। बड़ी संख्या में अभिभावक व युवा वर्ग अपने बायोडाटा भेजकर पत्रिका में स्थान सुनिश्चित करा रहे हैं।
विधवा, विधुर की जानकारी भी
सभी सामाजिक संगठन विधवा और विधुर की जानकारी भी अपने समाज की वैवाहिक पत्रिका में समाहित कर रहे हैं। अखिल भारतीय ब्राह्मण महिला महासभा की प्रदेश उपाध्यक्ष अधिवक्ता शांति तिवारी ने बताया कि वैवाहिक पत्रिका के जरिये विधवाओं के योग्य जोड़ा खोजने में समाज परिजनों की मदद करता है। सेन समाज के प्रकाश सेन बताते हैं कि अब उनके समाज की विधवाओं के पुनर्विवाह के लिए उनके बॉयोडाटा वैवाहिक पत्रिका में प्रकाशित किए जा रहे हें। कल्चुरि समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि उनके समाज की वैवाहिक पत्रिका में विधवाओं की भी जानकारी समाहित की जा रही है।
सोशल मीडिया पर भी बनाए ग्रुप
सोशल मीडिया पर वैवाहिक पत्रिका के लिए जानकारी एकत्र करने के लिए समाजों के ग्रुप बनाए गए हैं। इनमें समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों के बायोडाटा व अन्य जानकारियां अपलोड की जा रही हैं। समूह के जरिए युवाओं को दहेज रहित आदर्श विवाह के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कोरी समाज के खूबचंद कोरी कहते हैं कि वैवाहिक पत्रिकाओं का क्षेत्र व्यापक हो रहा है। देशभर से मिली विवाह योग्य युवाओं की जानकारी समाहित की जा रही है।
Published on:
02 Dec 2023 12:26 pm
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