
Bharatiya Nyaya Sanhita
Bharatiya Nyaya Sanhita : आम तौर पर जीरो पर एफआइआर दर्ज करने में आनाकानी करने वाली पुलिस ने छह माह में 31 मामलों में जीरो पर मामले दर्ज कर दूसरे थाने भेजा। इसमें दहेज प्रताड़ना, दुराचार, मारपीट समेत अन्य मामले शामिल हैं।
एक जुलाई 2024 से लागू हुई भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और भारतीय न्याय सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) से पहले साल भर में दो से पांच ही जीरो पर एफआइआर दर्ज होती थी। साथ ही ई एफआइआर की संख्या 104 हो गई है। जबलपुर जिले में एक जुलाई से से 31 दिसम्बर तक कुल 6069 अपराध दर्ज किए गए।
पुलिस ने 3689 अपराधों में अपराधियों की गिरफ्तारी और उनसे जब्त किए गए सामान की मौके पर वीडियोग्राफी कराई। इसे मोबाइल फोन से किया गया। न्यायालय में ई साक्ष्य ऐप के माध्यम से भेजा गया। इससे अपराधी के बच निकलने की संभावना में भी कमी आई है।
पुलिस ने नई धाराओं में क्या-क्या कार्रवाइयां की हैं, केन्द्रीय गृह मंत्रालय इसकी समीक्षा करेगा। पुलिस मुख्यालय के माध्यम से यह जानकारी मांगी गई है। इसमें बीएनएस की जानकारी 16 और बीएनएसएस की जानकारी 24 बिन्दुओं पर देनी होगी। जबलपुर जिले में एक जुलाई से से 31 दिसम्बर तक कुल 6069 अपराध दर्ज किए गए। इनमें कई अपराध नई धाराओं के तहत भी दर्ज किए गए हैं।
बीएनएसएस के तहत समंस वारंट तामील कराने के लिए इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों का उपयोग की अनुमति दी गई। यही कारण था कि पुलिस द्वारा 572 समंस वारंट वाट्सऐप और ईमेल के माध्यम से तामील कराए गए। वहीं न्यायालय द्वारा इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से पुलिस को 1076 समंस भेजे गए।
Published on:
11 Jan 2025 12:54 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
