
जबलपुर। सरकार एक ओर कोरोना से बचाव के लिए वैक्सीन लगवाने पर जोर दे रही है। उधर, शहर में टीके की कमी से बुधवार को जिले के आधे टीकाकरण केंद्र बंद हो गए। स्वास्थ्य मंत्रालय से अचानक आए आदेश के बाद कुछ अस्पतालों में टीके नहीं लगे। इससे सुबह से आए बुजुर्ग काफी देर तक इंतजार के बाद टीका लगवाए बिना ही लौट गए। जिन केंद्रों में टीके लगाए गए, वहां भी कतार में खड़े आधे लोगों को ही वैक्सीन लग पाई। इससे मनमोहन नगर अस्पताल सहित ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ टीकाकरण केन्द्रों में लोगों ने हंगामा और प्रदर्शन किया।
दो दिन में ही प्रयास ने तोड़ा दम
कोरोना के मरीज बढऩे पर चार दिन पहले ही वैक्सीन को बचाव के लिए आवश्यक मानते हुए जिले में प्रतिदिन 30 हजार लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य तय किया गया। लेकिन दो दिन बढ़े लक्ष्य के अनुसार टीका लगाने के बाद वैक्सीन का स्टॉक कम पड़ गया। बुधवार को नए निर्देश में टीकाकरण का लक्ष्य घटाकर 10 हजार कर दिया गया।
तीन दिन का स्टॉक शेष
जिले में शनिवार और सोमवार को वैक्सीन की 17 हजार 435 और 18 हजार 337 डोज का उपयोग हुआ। सूत्रों के अनुसार वैक्सीन की नई खेप नहीं मिलने से अब 32 हजार के करीब कोरोना वैक्सीन की डोज जिले में बची है। 10 हजार के नए टागरेट के अनुसार टीकाकरण करने पर यह स्टॉक तीन दिन में समाप्त हो जाएगा। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि जल्द ही वैक्सीन उपलब्ध हो जाएगी।
बुधवार को टीकाकरण
- 11,512 लोगों को कोविड-19 वैक्सीन लगाई गई
- 6,942 हितग्राही इसमें 60 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले
- 3,531 हितग्राही इसमें 45 वर्ष से ज्यादा उम्र वाले
- 526 हेल्थ केयर व 513 फ्रंट लाइन वर्कर भी शामिल
Published on:
25 Mar 2021 02:59 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
