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बड़ा खेल : धान खरीदी में 10 हजार फर्जी खातेदार, नाम को ‘समर्थन’- देखें वीडियो

बड़ा खेल : धान खरीदी में 10 हजार फर्जी खातेदार, नाम को ‘समर्थन’- देखें वीडियो  

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paddy purchase

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जबलपुर. धान की खरीदी में फर्जीवाड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। पंजीयन केंद्रों पर 10 हजार से अधिक किसान फर्जी पाए गए हैं। सिकमी के नाम पर गोरखधंधे का खुलासा हुआ है। बिना दस्तावेज लिए सिकमी किसानों के पंजीयन कर दिए गए। एसडीएम और तहसीलदार ने भी सत्यापन में लापरवाही बरती। ऐसे में शासन को करोड़ों का नुकसान होने की आशंका है। इस बार पंजीयन के समय गिरदावरी से छूट दी गई थी तो उसमें भी गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है।

सिकमीनामा का खेल: धान फर्जीवाड़े की खुलने लगी परतें

54 हजार किसानों ने कराया था पंजीयन

जिले में इस बार 54 हजार किसानों ने धान के लिए पंजीयन कराया था। वास्तविक किसानों की आड़ में व्यापारियों और अन्य लोगों ने पंजीयन करवाकर समर्थन मूल्य पर खरीदी का फायदा उठाया है। सिकमीनामा में समितियों की मिलीभगत से बिना दस्तावेज पंजीयन करा लिया।

67 समितियां कर रहीं खरीदीं

जिले में खरीदी का काम 67 सहकारी समितियां एवं महिला स्व-सहायता समूहों के माध्यम से हो रहा है। इनमें ज्यादातर फर्जी पंजीयन उन क्षेत्रों में होने की आशंका हैं जहां फर्जी खरीदी केंद्र बनाए गए थे। यह केंद्र पाटन, सिहोरा और मझौली क्षेत्र में स्थापित थे। इनकी जांच भोपाल से आए दस दलों ने की थी। 45 गोदामों की जांच में 36 में गड़बड़ी मिलने पर उन्हें ब्लैकलिस्टेड कर दिया गया था।

गोदाम संचालकों से वसूली

किसानों के पक्ष की बात यह है कि शार्टेज और कमी के कारण उनके नुकसान की भरपाई उन गोदाम संचालकों से की जाएगी जिन्होंने खरीदी केंद्र बनने का झूठा दावा करते हुए किसानों के 66 करोड़ रुपए से अधिक की कीमत के धान का भंडारण करवा लिया गया।

गिरदावरी में ढील का उठाया फायदा

फर्जी पंजीयन का बड़ा आधार गिरदावरी हो सकता है। सूत्रों ने बताया कि जब किसानों का पंजीयन चल रहा था तब, ज्यादातर किसानों का गिरदावरी नहीं हो पाया था। यह काम पटवारी के माध्यम से होता है। लेकिन उस समय वे हड़ताल पर थे। इस परेशानी को दूर करने के लिए आखिरी समय में गिरदावरी से छूट दी गई थी।

एक समिति में ही 566 फर्जी पंजीयन

हाल में कलेक्टर की तरफ से वृहताकार साख समिति कटंगी को कारण बताओ नोटिस दिया था। इसमें 566 किसानों के फर्जी पंजीयन की बात सामने आई थी। समिति ने सिकमी आधार पर हुए पंजीयन में गड़बड़ी की थी। इसमें कृषकों के सिकमीनामा एवं दूसरे दस्तावेज प्राप्त किए गए बगैर ही पंजीयन कर दिया गया था।

ब्लैक लिस्ट गोदामों में रखे धान की होगी तुलाई
इधर मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कारपोरेशन ने जिन 36 गोदामों को ब्लैक लिस्ट किया था, अब उन गोदामों की धान की खरीदी की जाएगी। इस काम के लिए दलों का गठन किया गया है। इन जगहों पर रखे धान की गुणवत्ता का आंकलन और खरीदी प्रक्रिया पर निगरानी के लिए खाद्य विभाग ने 108 अधिकारियों को जबलपुर तैनात किया है। इन गोदामों में 4 लाख 15 हजार क्विंटल धान रखे होने का अनुमान है। जिला प्रशासन की तरफ से किसानों को सत्यापित कर सूची राज्य शासन को भेजी गई थी। अब वास्तविक किसानों से धान को खरीदा जाएगा।

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