
गिरफ्तार किए गये शख्स पर दुष्कर्म का आरोप था
जबलपुर।
मध्यप्रदेश के होशंगाबाद जिले के पिपरिया में पांच साल की बच्ची का अपहरण कर बलात्कार और फिर उसकी हत्या कर देने के अपराधी को सुनाई गई फांसी की सजा मप्र हाईकोर्ट ने 35 साल के कठोर कारावास में बदल दी। जस्टिस सुजय पॉल की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने यह निर्देश दिए कि आरोपी दीपक किरार निवासी सिलारी जोगी मोहल्ला, पिपरिया को इन 35 वर्षों में एक भी छुट्टी का लाभ नही मिलेगा। 29 जुलाई 2019 को होशंगाबाद जिला अदालत ने अपराधी को फांसी की सजा सुनाई थी।
चाकलेट के बहाने से ले गया था उठाकर
अभियोजन के अनुसार 30 अक्टूबर 2018 को सांडिया रोड पिपरिया स्थित घर के आंगन में भाई के साथ खेलते समय पांच साल की मासूम को चाकलेट का झांसा देकर आरोपी ने खिलौने के चित्र दिखाए और किराए की साइकिल पर बैठाकर ले गया । रेलवे पटरी के पास सुनसान झूलापुल में जाकर उसने बच्ची के साथ बलात्कार किया। उसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। शव झाडिय़ों में छिपा दिया।
29 गवाह और डीएनए टेस्ट रिपोर्ट बनी अहम सबूत
अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में ट्रायल में 32 साक्षियों को रखा था, जिसमें से 29 के परीक्षण कराए गए। डीएनए परीक्षण कराया जो पाजिटिव पाया गया था। साइकिल पर ले जाते सीसीटीवी फुटेज भी पेश किए। हाइकोर्ट में शासकीय अधिवक्ता सोम मिश्रा ने पीडि़त व सरकार का पक्ष रखा।
Published on:
20 Feb 2020 06:40 pm
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