15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भाजपा के पूर्व मंत्री को भारी पड़ा धरना, अनुशासनहीतना मान पार्टी ने थमाया नोटिस

बगैर अनुमति आंदोलन करने को भाजपा संगठन ने माना अनुशासनहीनता, तीन दिन में मांगा जवाब नहीं तो कार्रवाई  

2 min read
Google source verification
babbu.jpg

bjp ex-minister issued

जबलपुर। अनुमति के बगैर आंदोलन करने को अनुशासनहीनता मानते हुए भाजपा संगठन ने पूर्व विधायक हरेंद्रजीत सिंह बब्बू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। संगठन ने उन्हें तीन दिन में जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है। सम्भागीय संगठन मंत्री शैलेंद्र बरुआ के निर्देश पर नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर ने नोटिस दिया है।
जीएस ने कहा कि बब्बू पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। पश्चिम विधानसभा से विधायक रहे हैं। वे प्रदेश शासन में मंत्री भी रहे हैं और पार्टी संगठन उनसे अनुशासन की अपेक्षा करता है। लेकिन, उन्होंने संगठन के अनुशासन को खंडित किया है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व पदाधिकारियों की सतत समझाइश के बाद भी वे जिला और प्रदेश संगठन की अनुमति के बिना आंदोलन और प्रदर्शन कर रहे हैं। वर्तमान में वे आरटीओ जबलपुर के विरुद्ध आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं और इस आंदोलन की अनुमति संगठन से उन्होंने नहीं ली है।

उनकी ओर से संगठन के अनुशासन को भंग करने को प्रदेश संगठन ने गम्भीरता से लिया है। इस पर सम्भागीय संगठन मंत्री शैलेंद्र बरुआ ने निर्देशित किया कि बब्बू से इसका स्पष्टीकरण लिया जाए। इसके बाद बब्बू को नोटिस जारी किया गया। नोटिस का जवाब तीन दिन में प्रस्तुत करना होगा।

इधर, सिख समाज ने की एआरटीओ पर कार्रवाई करने की मांग
आरटीओ संतोष पॉल पर कार्रवाई की मांग को लेकर सिख समाज का प्रतिनिधि मंडल रविवार को सांसद राकेश सिंह व भाजपा नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर से मिला। पीडि़त परिवारों ने आरटीओ पर फर्जी मुकदमें में फंसाने का आरोप भी लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सिख समाज से जुड़े प्रिंस भसीन ने आरटीओ संतोष पॉल से प्रताडि़त होकर जहरीला पदार्थ खा लिया था। इसकी रिपोर्ट माढ़ोताल थाने में दर्ज कराई गई थी। इसे लेकर सिख समाज ने आरटीओ कार्यालय के सामने धरना दिया था। लेकिन, आरटीओ ने पीडि़त सिख परिवार के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करा दी।