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नगर सरकार में एक और बड़ा घोटाला, जांच रिपोर्ट भी दबा दी

भाजपा सरकार में एक और बड़ा घोटाला, जांच रिपोर्ट भी दबा दी

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जबलपुर. नगर निगम सदन में भ्रष्टाचार की गंूज, हंगामा, आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच के फैसले लिए जा रहे हैं। जांच समितियां गठित हो रहीं, लेकिन कोई परिणाम नहीं आ रहा। ४जी टावर, डंडामैन-गनमैन के भुगतान जैसे मामलों में अब तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ। बीते छह अप्रैल को गठित एक और समिति ने चार दिन में अपनी जांच तक शुरू नहीं की, जबकि १५ दिन के भीतर जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश समिति को दिए गए हैं।

तीन साल में नहीं दिए दस्तावेज
शहर में ३२६ ४जी टावर को गलत तरीके से अनुमति देने के आरोपों के बाद १६ अप्रैल २०१५ को सात सदस्यीय जांच समिति बनाई गई थी। निगम सदन की इस समिति में एक सदस्य ने पहली बैठक में ही इस्तीफा दे दिया था। बाकी सदस्यों ने जांच के लिए निगम प्रशासन से दस्तावेजों की मांग की, लेकिन उपलब्ध नहीं कराए गए।

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ढाई करोड़ की रिकवरी
पूर्व महापौर प्रभात साहू के कार्यकाल में १८ करोड़ की सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का मामला भी सदन में गंूजा। इसकी जांच के लिए भी समिति बनी। सदन में रिपोर्ट पेश हुई, लेकिन कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई। इसके बाद विनय सक्सेना ने लोकायुक्त में शिकायत की। लोकायुक्त जांच के बाद ठेकेदार से ढाई करोड़ की रिकवरी की जा चुकी है, लेकिन निगम के किसी अधिकारी पर कार्रवाई नहीं की गई।

1 दिन की रिपोर्ट भी बेनतीजा
निगम प्रशासन ने सुरक्षा के लिए लगाए गए डंडामैन-गनमैन के भुगतान में भारी भ्रष्टाचार के आरोप व हंगामे के बीच सदन में जांच का फैसला हुआ था। महापौर स्वाति गोडबोले ने २८ फरवरी २०१७ को चार दिन में रिपोर्ट मांगते हुए एेलान किया था कि कोई गड़बड़ी होगी, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। समिति में शामिल विनय सक्सेना, संजय राठौड़ व ताहिर अली ने २४ घंटे में रिपोर्ट महापौर को सौंप दी, लेकिन कार्रवाई कुछ नहीं हुई।

ये अभी घोषणा तक
गुलौआ तालाब की मिट्टी व सिल्ट निकालने के मामले में भारी भ्रष्टाचार के दस्तावेज सहित छह अप्रैल को विपक्ष ने सत्तापक्ष की घेराबंदी की। इसके बाद महापौर स्वाति गोडबोले ने एमआईसी मेंबर मनप्रीत सिंह आनंद, केवल कृष्ण आहूजा व थाड़ेश्वर महावर की तीन सदस्यीय समिति का एेलान सदन में किया। नोटशीट बदलकर एक ठेकेदार के बिल को १० लाख से बढ़ाकर २० लाख से ज्यादा करने के खेल की जांच अब तक एक कदम भी नहीं बढ़ पाई है।

मामला- ४जी टावर
आरोप- नियम विरुद्ध ३२६ से ज्यादा टावर लगाने की अनुमति
समिति में कौन - राजेश सोनकर, विनय सक्सेना, केवल कृष्ण आहूजा, संजय तिवारी, रिंकू विज, प्रदीप यादव, सतवीर जाट
परिणाम- दस्तावेज नहीं दिए, जांच अधूरी

मामला- डंडामैन-गनमैन
आरोप- डंडा मैन, गनमैन को नियम विरुद्ध ३२ हजार तक का भुगतान
समिति में कौन - विनय सक्सेना, संजय राठौड़, ताहिर अली
परिणाम- महापौर को रिपोर्ट सौंपी, कार्रवाई नहीं

मामला- गुलौआ तालाब सफाई
आरोप - तालाब सफाई में भारी भ्रष्टाचार, बिल १० लाख से बढ़ाकर २० लाख किया
समिति में कौन - केवल कृष्ण आहूजा, मनप्रीत सिंह आनंद, थाड़ेश्वर महावर
परिणाम- ४ दिन से दस्तावेज मिलने का इंतजार

जांच समिति बनने के बाद ४जी मामले में सरकार की ओर से लागू नियमावली को निगमायुक्त ने सदन में पेश किया था। डंडामैन-गनमैन की जांच रिपोर्ट महापौर को सौंपी गई है। गुलौआ तालाब मामले की जांच के दस्तावेज समिति को देने को कहा जाएगा।
- सुमित्रा बाल्मीकि, अध्यक्ष, नगर निगम

४जी टावर मामले में नियम विरुद्ध अनुमति देकर भ्रष्टाचार किया गया है। लगातार सदन में इस मामले को उठाया जाता रहा है। इसकी शिकायत भी लोकायुक्त में की है।
- विनय सक्सेना, वरिष्ठ पार्षद

पांच दिन हो गए गुलौआ तालाब की सफाई में भ्रष्टाचार से सम्बंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। जांच के लिए १५ दिन का समय दिया
गया है।
- केवल कृष्ण आहूजा, वरिष्ठ पार्षद