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जबलपुर। बिना अनुमति आंदोलन करने को अनुशासनहीनता मानते हुए जबलपुर भाजपा संगठन ने शहर से पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री हरेंद्रजीत सिंह बब्बू को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। एक नजर में देखा जाए तो बब्बू का आंदोलन सामान्य ही है। लेकिन, इसके लिए उन्होंने संगठन से अनुमति क्यों नहीं ली? यह बड़ा सवाल है। फिलहाल भाजपा के शहर संगठन ने उन्हें तीन दिन में जवाब प्रस्तुत करने के लिए कहा है। भाजपा के सम्भागीय संगठन मंत्री शैलेंद्र बरुआ के निर्देश पर नगर अध्यक्ष जीएस ठाकुर ने नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि बब्बू पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। पश्चिम विधानसभा से विधायक रहे हैं। वे प्रदेश शासन में मंत्री भी रहे हैं और पार्टी संगठन उनसे अनुशासन की अपेक्षा करता है। लेकिन, उन्होंने संगठन के अनुशासन को खंडित किया है।
ठाकुर ने यह भी कहा कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं व पदाधिकारियों की सतत समझाइश के बाद भी वे जिला और प्रदेश संगठन की अनुमति के बिना आंदोलन और प्रदर्शन कर रहे हैं। वर्तमान में वे आरटीओ जबलपुर के विरुद्ध आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं और इस आंदोलन की अनुमति संगठन से उन्होंने नहीं ली है। उनकी ओर से संगठन के अनुशासन को भंग करने को प्रदेश संगठन ने गम्भीरता से लिया है। इस पर सम्भागीय संगठन मंत्री शैलेंद्र बरुआ ने निर्देशित किया कि बब्बू से इसका स्पष्टीकरण लिया जाए। इसके बाद बब्बू को नोटिस जारी किया गया। इधर, जबलपुर भाजपा की राजनीति में इनदिनों साफ तौर पर दो धड़े सक्रिय हैं। एक धड़ा सांसद राकेश सिंह का है। दूसरा कोई घोषित धड़ा तो नहीं है। लेकिन, उसमें बब्बू, अंचल सोनकर आदि बड़े नाम अघोषित रूप से शािमल हैं। एक धड़े का कहना है कि बब्बू अपनी राजनीति की आखिरी लड़ाई लडऩे की कोशिश कर रहे हैं। उनमें यह बेचैनी नजर आ रही है कि क्षेत्र में अब पार्टी उनका विकल्प तलाश लेगी। क्योंकि, वे लगातार दो बार विधानसभा चुनाव हार चुके हैं।
Published on:
09 Nov 2020 09:00 pm
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