जबलपुर। चुनाव करीब आने के साथ ही प्रत्याशियों से लेकर राजनीतिक दलों ने जातिगत समीकरणों को साधना शुरू कर दिया है। राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, संगठन प्रमुख सामाजिक संपर्क बढ़ा रहे हैं। समाजों को साधने के लिए भाजपा-कांग्रेस दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रमुख अनुषांगिक संगठन, मोर्चा, प्रकोष्ठ की सक्रियता बढ़ गई है। मोहल्लों से लेकर वार्ड, समाजों के भवन, कार्यालयों, धर्मशाला में बैठक आयोजित की जा रही है। इन बैठकों में सम्बंधित मोर्चा या प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों के साथ ही सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, समाज के प्रबुद्धजन, वरिष्ठजन भी शामिल होते हैं। समाज के युवाओं व सक्रिय महिलाओं को भी शामिल किया जा रहा है। साथ ही ये संदेश भी दिया जा रहा है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनकी बात पहुंचाएं। अपने-अपने तरीकों से बूथ स्तर तक जातियों के मूड को भांपने में भी जुट गए हैं।