6 मार्च 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इन ‘5 कारणों’ से फैटी हो जाता है आपका लीवर, 40% यंग लोग हो रहे शिकार

Fatty liver disease: विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इसे 'साइलेंट एपिडेमिक' करार देते हुए चेताया है कि शुरुआती चरण में लक्षण हल्के होने के कारण लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं...

2 min read
Google source verification
Fatty liver disease

Fatty liver disease (Photo Source- freepik)

Fatty liver disease: सेहतमंद उम्र में युवा तेजी से फैटी लिवर डिजीज की चपेट में आ रहे हैं। जबलपुर के विशेषज्ञों के अनुसार अधिक वजन, मोटापा, असंतुलित आहार, शारीरिक गतिविधि की कमी, मेटाबॉलिक सिंड्रोम, दवाओं के दुष्प्रभाव, फास्ट फूड का अत्यधिक सेवन और नींद पूरी न लेने जैसी आदतों के कारण 40 प्रतिशत युवा नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज से पीड़ित हैं।

विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इसे 'साइलेंट एपिडेमिक' करार देते हुए चेताया है कि शुरुआती चरण में लक्षण हल्के होने के कारण लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इलाज में देरी होने पर बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि कई मामलों में 'लीन नैश' के कारण कम वजन वाले लोग भी इस बीमारी से ग्रसित हो रहे हैं, यदि उनका भोजन शुगर और प्रोसेस्ड फूड से भरपूर हो।

दिखने में फिट, लेकिन फूल रही सांस

विशेषज्ञों के अनुसार कई युवा बाहर से देखने में स्वस्थ नजर आते हैं, लेकिन थोड़ा सा दौड़ने या सीढ़ी चढ़ने पर सांस फूलने लगती है। इसके पीछे कारण लिवर में फैट जमा होना और मेटाबॉलिक असंतुलन बताया जा रहा है। फैटी लिवर ऐसी स्थिति हैं, जिसमें लिवर में अत्यधिक फैट जमा हो जाता है, भले ही व्यक्ति शराब का सेवन नहीं करता हो।

केस-1

शक्ति नगर निवासी 21 वर्षीय युवक को सीढ़ी चढ़ने और दौड़ने पर सांस फूलने लगी। वजन लगातार बढ़ रहा था और धीरे-धीरे पाचन संबंधी परेशानी भी शुरू हो गई। जांच में सामने आया कि युवक नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज से पीड़ित है।

केस-2

एक निजी कंपनी में महिला को लगातार गैस बनने और एसिडिटी की समस्या बनी रहती थी। जांच कराने पर पता चला कि वह फैटी लिवर से पीड़ित है। काउंसलिंग के दौरान चिकित्सकों ने फास्ट फूड को बीमारी का प्रमुख कारण बताया।

केस-3

अधारताल निवासी को लंबे समय से पाचन ठीक न रहने और पेट भारी रहने की समस्या थी। जांच में यह फैटी लिवर से पीड़ित पाया गया। चिकित्सकों ने खानपान में सुधार और नियमित उपचार की सलाह दी।

फैटी लिवर के प्रमुख कारण

  • जंक फूड और प्रोसेस्ड फूड में मौजूद ट्रांस फैट और शुगर
  • मोटापा और कम शारीरिक गतिविधि से बढ़ता इंसुलिन प्रतिरोध
  • तनाव और नींद की कमी से मेटाबॉलिक सिंड्रोम का खतरा
  • पीसीओडी और थायरॉयड जैसी हार्मोनल समस्याएं
  • लगातार बैठने की आदत से वजन बढ़ने का खतरा

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

जंक फूड के अत्यधिक सेवन, तनाव, नींद की कमी और लगातार सिटिंग से पेट के हिस्से की एक्सरसाइज नहीं हो पाती। कैलोरी बर्न नहीं होने पर फैट लिवर में स्टोर होने लगता है। बीमारी बढ़ने पर लिवर मुलायमपन खो देता है, सिकुड़ने लगता है और अंततः लिवर सिरोसिस की स्थिति बन सकती है।- डॉ. उदय सोमशेखर, गैस्ट्रोलॉजिस्ट, मेडिकल कॉलेज

नॉन कम्युनिकेबल डिसीज स्क्रीनिंग प्रोग्राम के माध्यम से बड़ी संख्या में हाइपरटेंशन, डायबिटीज और नॉन एल्कोहॉलिक फैटी लिवर के संभावित मरीजों की पहचान हो रही है। 30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की स्क्रीनिंग का उद्देश्य संभावित मरीजों की समय पर पहचान कर उनका उपचार करना है। - डॉ. सारिका दुबे, नोडल अधिकारी, स्क्रीनिंग प्रोग्राम