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कोर्ट ने MP के मंत्री से पूछा-आप पर केस दर्ज करने के आदेश क्यों न दें? तिरंगे के अपमान से जुड़ा है मामला

MP News: 11 अगस्त 2024 को गाडरवारा में तिरंगा यात्रा निकली थी। मंत्री खुली जीप के बोनट से जनता को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्र ध्वज को बोनट पर ऐसे लगाया कि वह झुक रहा था।

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mp news court asked minister Uday Pratap Singh Why should not we order a case against you

minister Uday Pratap Singh tricolor insult case (फोटो- Patrika.com)

MP News: एमपी-एमएलए कोर्ट जबलपुर ने प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह के खिलाफ नोटिस जारी किया है। राष्ट्र ध्वज के अपमान के आरोपों से जुड़े एक मामले में विशेष न्यायधीश डीपी सूत्रकार की कोर्ट ने मंत्री सिंह से स्पष्टीकरण मांगा है। कोर्ट ने पूछा है, क्यों न उनके खिलाफ राष्ट्र ध्वज के अपमान के अपराध में प्राथमिकी दर्ज करने के आदेश दिए जाएं?

दरअसल, नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव निवासी कौशल ने परिवाद दायर किया है। उनके अधिवक्ता असीम त्रिवेदी ने कोर्ट को बताया कि 11 अगस्त 2024 को गाडरवारा में तिरंगा यात्रा निकली थी। इसका नेतृत्व मंत्री सिंह ने किया था। मंत्री खुली जीप के बोनट से जनता को संबोधित कर रहे थे। राष्ट्र ध्वज को बोनट पर ऐसे लगाया कि वह झुक रहा था और उनके पैर को छू रहा था। यह राष्ट्रध्वज का अपमान है। इसमें तीन साल की कैद का प्रावधान है।

कोर्ट में अधिवक्ता ने दिया तर्क

अधिवक्ता त्रिवेदी ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह राष्ट्रीय गौरव का अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 के स्पष्टीकरण 4 (ज) का स्पष्ट उल्लंघन है। इसमें गाड़ी की बोनट, छत या कहीं और राष्ट्र ध्वज को ढंकना या इस तरह रखना निषिद्ध है, जिससे उसकी गरिमा खराब हो।

यह संज्ञेय अपराध है। जिसमें तीन साल कैद का प्रावधान है। परिवादी ने इसकी शिकायत पहले गाडरवारा थाने में की. लेकिन मंत्री होने के कारण पुलिस ने एफआइआर दर्ज नहीं की। नरसिंहपुर एसपी को भी कई बार लिखित शिकायतें दीं। पर कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस ने दर्ज नहीं किया था मामला

शिकायतकर्ता ने सबसे पहले इस घटना की शिकायत गाडरवारा थाने में की। लेकिन, मंत्री के पद के कारण पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। इसके बाद कई बार लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक नरसिंहपुर को भेजी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब शिकायत रजिस्टर्ड डाक से गाडरवारा थाना प्रभारी को भेजी गई तो उन्होंने इसे लेने से इनकार कर दिया, जो उनके वैधानिक कर्तव्यों के विपरीत है। उन्होंने घटना के फोटो, मीडिया क्लिपिंग, मेल रिजेक्शन ट्रैकिंग रिपोर्ट और विभिन्न अधिकारियों को भेजी गई शिकायतों की प्रतियां पेश कीं। कोर्ट ने मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। (MP News)