
bjp vidhayak ki gundagardi police ko peeta
जबलपुर। चुनाव के दौरान भले ही आचार संहिता लगी हो, लेकिन दावेदार व समर्थकों का उत्साह कभी कभी इतना बढ़ जाता है कि वे ये बात भूल जाते हैं। नतीजा ये कि छोटी सी बात का बतंगड़ बन जाता है। ऐसा ही वाक्या साल 2014 में जबलपुर में हुआ था, जब एक भाजपा विधायक लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान महिला पुलिस अधिकारी पर बिफर पड़े थे, यहीं नहीं उन्होंने महिला पुलिस अधिकारी की कलाई भी मरोड़ी थी। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया था।
news facts- चुनाव प्रचार के बीच महिला एसआइ की बांह मरोड़ी थी
घटना 27 मार्च 2014 की है। लोकसभा चुनाव के भाजपा प्रत्याशी राकेश सिंह का प्रचार किया जा रहा था, जिसमें जबलपुर पूर्व विधानसभा क्षेत्र विधायक अंचल सोनकर भी शामिल थे। इस बीच तत्कालीन एसआइ निरूपा पांडे सहयोगी आरक्षक शारदा के साथ हनुमानताल थाना क्षेत्र के अंतर्गत दुर्गा चौक पहुंचीं। वहां उन्होंने अवैध शराब बेचने के आरोपी को धरदबोचा। जानकारी मिलते ही विधायक भी अपने समर्थकों के साथ पहुंच गए और आरोपी को छोडऩे के लिए कहा। पुलिस ने इनकार किया तो नेता के समर्थक उग्र हो गए और पुलिस पर हमला कर दिया। निरूपा ने मोबाइल से घटनाक्रम की रेकॉर्डिंग करनी शुरू की तो विधायक ने उनकी बांह मरोड़ दी, धक्का-मुक्की की और धमकाया।
थाने में उनके कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। पुलिस ने विधायक और उनके समर्थकों पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, मारपीट, बलवा और अमर्यादित आचरण का प्रकरण दर्ज किया। हालांकि, जांच के बाद पुलिस ने अमर्यादित आचरण करने की धारा हटा दी।
धूल खाती रही चार्जशीट
पुलिस ने मामले में चार्जशीट तैयार की, लेकिन यह तीन साल तक थाने में धूल खाती रही। जुलाई-2017 में विधायक सोनकर के करीबी भाजपा पार्षद रमेश प्रजापति के बेटे पर जानलेवा हमला हुआ तो विधायक ने थाने का घेराव कर दिया। तत्कालीन एसपी महेन्द्र सिंह सिकरवार और पुलिस के खिलाफ बयान दिया। इसके बाद पुलिस अफसरों के निर्देश पर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की गई।
मेरे खिलाफ दर्ज मामले राजनीतिक और दुर्भावना से प्रेरित थे। एक मामले का निराकरण हो चुका है। फैसला मेरे पक्ष में आया है।
- अंचल सोनकर, विधायक, जबलपुर पूर्व
Published on:
09 Oct 2018 09:58 am
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