15 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ब्रह्मोस मिसाइल सीईओ युवा कांग्रेस में हुए शामिल, वैज्ञानिक ने कही ये बातें- देखें वीडियो

युवा वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन कर देश को शक्तिशाली बनाने के सूत्र भी दिए

2 min read
Google source verification
 युवा वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन कर देश को शक्तिशाली बनाने के सूत्र भी दिए

युवा वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन कर देश को शक्तिशाली बनाने के सूत्र भी दिए

जबलपुर। ब्रह्मोस जैसी घातक और दुनियाभर में भारत की छवि एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में बताने वाली मिसाइल बनाने वाले वैज्ञानिक डॉ. सुधीर मिश्रा गुरुवार को कांग्रेस में शामिल हुए। चौंकिए मत, वे कांग्रेस में जरूर शामिल हुए हैं लेकिन राजनीति करने वाली नहीं बल्कि यहां आयोजित युवा वैज्ञानिक कांग्रेस में शामिल होने पहुंचे हैं। उन्होंने कार्यक्रम का शुभारंभ किया है, साथ ही युवा वैज्ञानिकों का मार्गदर्शन कर देश को शक्तिशाली बनाने के सूत्र भी दिए हैं।


रानी दुर्गावती यूनिवर्सिटी में 33वी मप्र युवा वैज्ञानिक कांग्रेस का शुभारंभ किया गया। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद भोपाल के तत्वाधान में आयोजित कार्यक्रम में देशभर से 300 से अधिक शोधार्थी शामिल हुए हैं कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में ब्रह्मोस के सीईओ डॉक्टर सुधीर मिश्रा उपस्थित थे स्टडी विवि कुलपति प्रोफेसर केडी मिश्रा ने की विशिष्ट अतिथि के रुप में वेटरनरी कुलपति डॉ पीडी जुयाल विज्ञान प्रौद्योगिकी परिषद की ओर से प्रोफेसर मनोज राठौर आदि उपस्थित थे कांफ्रेंस के दौरान चुने गए विद्यार्थियों को 3 से 6 महीने के लिए देश की किसी भी लेबोरेटरी में काम करने का मौका मिलेगा इसके साथ ही सरकार द्वारा उनके विकास को बढ़ावा देने के लिए फंडिंग का सहयोग भी दिया जाएगा।

पर्यावरण को बचाने के लिए शहर की यूनिवर्सिटी में कई तरह के प्रयोग किए जा रहे हैं। इसके लिए वेटरनरी यूनिवर्सिटी में गोबर के गमले को भी तैयार किया जा रहा है। जो प्लास्टिक के उपयोग पर बुरी तरह से रोक लगाने के साथ-साथ पर्यावरण को बचाने के लिए भी काबिले तारीफ प्रयोग साबित हुआ है। कार्यक्रम में डॉ पीडी जुयाल ने कहा कि आज का साइंस कल की टेक्नोलॉजी है मध्य प्रदेश के जबलपुर के विभिन्न वैज्ञानिकों के शोध के दायरे को तोड़ते हुए लैब से लेकर बाहर निकलना चाहिए। सिर्फ अपनी चीजों को सुरक्षित नहीं रखना चाहिए। बल्कि जनहित से जुड़े हुए ऐसे प्रयोगों को इस्तेमाल करते हुए बाहर लेकर आना चाहिए जो समाज में मिसाल कायम कर सकें।

ये भी पढ़ें

image