प्लाट लेने वाले सावधान,सरकारी जमीन में बिल्डर ने बेचे प्लॉट, खरीदने वालों के पैसे डूबे

प्लाट लेने वाले सावधान,सरकारी जमीन में बिल्डर ने बेचे प्लॉट, खरीदने वालों के पैसे डूबे

 

By: Lalit kostha

Updated: 20 Dec 2020, 02:12 PM IST

जबलपुर। महाराजपुर क्षेत्र में भू-माफिया शासकीय और सीलिंग की जमीन को अपनी बताकर उस पर प्लॉटिंग कर ऊंचे दाम पर बेच रहे थे। जमीन शासकीय होने के कारण खरीदारों को बताई कहीं और की जाती थी और कब्जा कहीं और दिलाया जा रहा था। प्रशासन ने ऐसी सात एकड़ जमीन को अपने कब्जे में लिया है। कब्जेदारों के खिलाफ भी प्रकरण बनाने की तैयारी की जा रही है। अपर कलेक्टर संदीप जीआर की निगरानी में जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम के अमले ने तीन स्थानों पर संयुक्त कार्रवाई की।

भू-माफियाओं पर शिकंजा : अमले ने तीन स्थानों से मुक्त कराई सात एकड़ सरकारी जमीन
सीलिंग की जमीन पर कर रहे थे प्लॉटिंग

पहली कार्रवाई महाराजपुर के मैत्री नगर में सरकारी स्कूल के पास की गई। यहां सर्वे नम्बर 231/1-2 रकबा 0.830 हेक्टेयर पर भू-माफिया दीन मोहम्मद उर्फ डीएम मंसूरी ने अवैध कब्जा किया था। भूमि की अनुमानित कीमत साढ़े चार करोड़ रुपए है। शासकीय सीलिंग की इस भूमि पर मंसूरी की ओर से अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। अमले ने फेसिंग और अवैध निर्माण को जेसीबी से ध्वस्त किया।

 

पुलिस के अनुसार मंसूरी कई अपराधों में आरोपी है। भू-माफि या के खिलाफ दूसरी कार्रवाई महाराजपुर में ही सर्वे नंबर 186.6 पर की गई। यहां दो हजार वर्गफीट शासकीय जमीन पर महेंद्र सिंह जावा ने कब्जा किया था। 20 लाख रुपए कीमत की इस जमीन से भी कब्जा हटाया गया। तीसरी बड़ी कार्रवाई भी महाराजपुर में हुई।

चार एकड़ जमीन पर अपना नाम
शासकीय सर्वे नंबर 283 की सीलिंग की चार एकड़ से अधिक भूमि को माफिया कैलाश पटेल के अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया। प्रशासन के मुताबिक इस भूमि की कीमत करीब दस करोड़ रुपए है। कार्रवाई में तहसीलदार प्रदीप मिश्रा, नायब तहसीलदार सुषमा धुर्वे, नगर निगम के सहायक आयुक्त वेदप्रकाश, अधारताल थाना के पुलिस बल सहित राजस्व विभाग एवं नगर निगम का अमला मौजूद था।

डीएम मंसूरी के खिलाफ बलात्कार, धोखाधड़ी, फ र्जी दस्तावेज बनाने सहित कई मामले दर्ज हैं। उसने दो एकड़ से ज्यादा जमीन पर कब्जा किया था।
- सिद्धार्थ बहुगुणा, पुलिस अधीक्षक

भू-माफिया के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में महाराजपुर क्षेत्र में तीन स्थानों से शासकीय सीलिंग की जमीन मुक्त कराई गई है। इन पर दीन मोहम्मद, कैलाश यादव, महेंद्र सिंह जावा का कब्जा था। पुलिस को तीनों पर कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
- प्रदीप मिश्रा, तहसीलदार अधारताल

Lalit kostha Desk
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