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जबलपुर . ऑनलाइन खरीदी के बढ़ते चलन से सामान्य कारोबार घट रहा है। जबलपुर में ऑनलाइन कारोबार सामान्य कारोबार के बराबर तो नहीं है, लेकिन उतना भी कम नहीं है। आकलन के अनुसार शहर में रोजाना 80 लाख से एक करोड़ कीमत की वस्तुए इस प्लेटफॉर्म से उपभोक्ताओं तक पहुंच रही हैं। इस कारोबार के लिए कोई विशेष नियम नहीं हैं। अब उत्पादों को लेकर बढ़ती शिकायतों और नियंत्रण के लिए सरकार राष्ट्रीय इ-कॉमर्स नीति का मसौदा बना रही है।
सामान्य कारोबार करने वाले कारोबारी कम होते व्यापार से चिंतित हैं। इसकी एक प्रमुख वजह ऑनलाइन खरीदी है। कुछ प्रमुख क्षेत्रों में ज्यादातर ग्राहक चीजों को खरीदने के लिए इ-कॉमर्स कंपनियों का इस्तेमाल कर रहे हैं। शहर में करीब पांच बड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय इ-कॉमर्स कंपनियां कारोबार कर रही हैं। करीब 12 छोटी कंपनियां हैं। ज्यादातर बिक्री इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल हैंड सेट, रेडीमेड कपड़ा, फुटवेयर, कॉस्मैटिक आइटम की बिक्री ज्यादा होती है।
इन चीजों की ज्यादा बिक्री
शहर में लैपटॉप, मोबाइल हैंड सेट, एलइडी टीवी, म्यूजिक सिस्टम, फर्नीचर, फुटवेयर, कास्मेटिक आइटम, रेडीमेड कपड़ा, ड्रायफू्रट, लेडीज बैग, पीजा, दवाइयां।
शहर में प्रमुख क्षेत्रों का मासिक कारोबार
क्षेत्र - ऑफलाइन - ऑनलाइन
इलेक्ट्रॉनिक - 6.50 करोड़ - 97.50 लाख
मोबाइल सेट - 6.50 करोड़ - 02 करोड़
फुटवेयर - 06 करोड़ - 1.80 करोड़
रेडीमेड कपड़ा - 20 करोड़ - 6.30 करोड़
(नोट: कारोबार क्षेत्र के जानकारों के अनुसार)
कपड़ा कारोबार तो प्रभावित हुआ है। पहले जैसी ग्राहकी नहीं रही। आज हर युवा के हाथ में एंड्राइड फोन हैं। वह ऑनलाइन बुकिंग कर कपड़ा मंगवा लेते हैं। कीमत का फर्क तो रहता है लेकिन गुणवत्ता अलग रहती है।
प्रशांत जैन, कपड़ा व्यवसाई
इलेक्ट्रॉनिक में 80 फीसदी कारोबार ऑफलाइन है, 20 फीसदी ऑनलाइन है। लेकिन मोबाइल के कारोबार में यह यह अनुपात 70 और 30 है। ऑनलाइन में कीमतों में फर्क होता है। इस अंतर के लिए कंपनियों से चर्चा की जाती है।
अखिल मिश्र, इलेक्ट्रॉनिक डीलर
फुटवेयर में भी ऑनलाइन खरीदी का चलन तेजी से बढ़ा है। शोरूम में इन चीजों पर काफी तरह के खर्चे जुड़े रहते हैं। लेकिन ऑनलाइन में ऐसा नहीं होता। इसलिए वहां कीमत थोड़ी कम होती है।
दीपक असरानी, फुटवेयर डीलर
Published on:
05 Aug 2018 06:00 am
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