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तरबूज और खरबूज का बम्पर उत्पादन मंडी में भरपूर आवक, दाम भी हैं कम

फल: नर्मदा, हिरन, गौर नदी के किनारों के अलावा खेतों में भी लगाई गई है फसल

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Watermelon # Tarbuj #गर्मी में तरबूज से राहत

Watermelon # Tarbuj #गर्मी में तरबूज से राहत


जबलपुर@पत्रिका

तरबूज और खरबूज की आवक इस बार खूब हो रही है। नर्मदा, हिरन और गौर नदी के किनारे इसकी फसल खूब हुई है। किसानों ने भी बड़े रकबे में खेती की है। इन दिनों तरबूज, खरबूज सहित तटों पर उगाए जाने वाले फल बहुतायत में आ रहे हैं। साथ ही यह फल लोगों को बाजिब दामों पर भी उपलब्ध हो पा रहे हैं। दाम कम होने से इनकी खपत भी बढ़ गई है।

कृषि उपज मंडी में रोजाना 80 से 90 टन खरबूज-तरबूज आ रहा है। ऐसे में कीमतें भी गिरी हैं। थोक में तरबूज की कीमत 7 से 8 रुपए किलो है। खरबूज भी 10 से 12 रुपए किलो बिक रहा है। हालांकि, फुटकर में तरबूज 15 से 20, तो खरबूज 20 से 25 रुपए किलो में मिल रहा है। पिछली बार ज्यादातर फसल नदियों के किनारे हुई थी। लेकिन, किसानों ने फिर से इसे खेतों में लगाया है। इसका स्वाद और मिठास शानदार है। खरबूज की खुशबू भी खेतों से लेकर मंडी और बाजार में महक रही है।

स्थानीय उत्पादकता

तरबूज और खरबूज की फसल स्थानीय स्तर पर होती है। नर्मदा नदी के किनारों के अतिरिक्त पाटन, शहपुरा, मझौली, कटंगी और सिहोरा क्षेत्र में किसानों से इन्हें लगाया है। छिंदवाड़ा, सिवनी और नरसिंहपुर से भी इनकी आवक हो रही है। ऐसे में लोगों को अलग-अलग जगह का स्वाद मिल रहा है। इसकी बिक्री भी तेज हो गई है। अभी अन्य फलों को छोड़कर तरबूज और खरबूज की खरीदी ज्यादा हो रही है। आंध्रप्रदेश से भी खरबूज की आवक तेज है।

अच्छा हो रहा कारोबार

थोक फल मंडी व्यापारी संघ के उपाध्यक्ष अशरक रिजवी ने बताया कि अभी मंडी में सबसे ज्यादा गाड़ियां तरबूज और खरबूज लेकर आ रही हैं। अनुमान के अनुसार प्रतिदिन 60 से 70 टन तरबूज, 30 से 40 टन खरबूज आ रहा है। रिजवी ने बताया कि आम की आवक भी तेज है। अभी बादाम, तोतापरी आम आ रहा है। इनकी थोक में कीमत 45 रुपए से लेकर 85 रुपए तक है। इसी प्रकार पपीता, अंगूर, अनार, केला की आवक सामान्य है।

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