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CBSE EXAM : प्रिपरेशन के आखिरी दिनों में कैसे करें टाइम मैनेजमेंट, जानें एक्सपर्ट्स की राय…

12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 15 से और 10वीं बोर्ड की परीक्षा 21 से होंगी शुरू

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cbse exam counselling

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जबलपुर। 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं जीवन की महत्वपूर्ण परीक्षाएं होती हैं। एग्जाम टाइम जितना पास आता है, स्टूडेंटस में उतनी ही घबराहट बढ़ जाती है। सही ढंग से की गई तैयारी ही अच्छा रिजल्ट दिलाने में मददगार साबित होती है। 10वीं बोर्ड की परीक्षा 21 फरवरी से और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू होने वाली। एग्जाम के आखिरी दिनों होने वाले हार्मोनल और फिजिकल चैंज के साथ ही किस तरह टाइम मैनेजमेंट के साथ पढ़ाई की जा सकती है, इसे लेकर एक्सपर्ट्स से बात की।

क्या कहते हैं एक्सपर्ट
साइकेट्रिस्ट डॉ. रत्ना जौहरी ने बताया, एग्जाम के दिनों में बच्चे एंजाइटी महसूस करते हैं। इसी वजह से इपीनेफ्रिन और नॉन इपीनेफ्रिन हार्मोन एक्टिव हो जाते हैं। इसकी वजह से बच्चों में हाथ कांपना, सांसों का फूलना, चेस्ट पेन और नींद न आने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा व्यवहार में चिड़चिड़ापन, रोना आना, खाना कम खाना, काम में मन नहीं लगना भी एंजाइटी की निशानी है। ऐसे में पैरेंटस को चाहिए कि एग्जाम टाइम में बच्चों में होने वाला बदलावों को समझे और उनके लिए सर्पोटिव एन्वॉयरमेंट तैयार करें।

पुराने पेपर सॉल्व करें
एकेडमिक एक्सपर्ट डॉ. सीमा मिश्रा बतातीं हैं कि एग्जाम टाइम में पैरेट्ंस की जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है। बच्चे के व्यवहार को नोटिस करें। अगर बच्चा आत्मविश्वास में कमी महसूस करता है, तो उससे आशावादी बातें करें। एग्जाम के आखरी दिनों में पुराने पेपर सॉल्व करना मददगार साबित होगा। इससे क्वेश्चन के डिफिकल्टी लेवल और एग्जाम पैटर्न को समझने में मदद मिलेगी। एग्जाम के लास्ट टाइम में ग्रुप स्टडी भी काफी फायदेमंद साबित होती है। इससे उन्होंने नई रेफरेंस बुक्स के बारे में पता चलता है सवालों को हल करने की नई तकनीक के बारे में भी पता चलता है।

लिखकर प्रैक्टिस करना होगा फायदेमंद
बोर्ड एग्जाम में सक्ससे पाने का फॉर्मूला है टाइम मैनेजमेंट स्किल के साथ प्रयास करें और अपनी गलतियों से सीखें। अगर आप इस बात को ध्यान रखते हैं तो आपको अच्छी सफलता मिलेगी। इसके अलावा मेरा मानना है कि बच्चों को थ्योरी और प्रैक्टिकल के लिए एनसीइआरटी की बुक्स को पढ़ाना चाहिए और एग्जाम के आखरी दिनों में लिखकर प्रैक्टिस करना चाहिए। टाइम मैनेजमेंट रिविजन के लिए सबसे जरूरी है। जिन टॉपिक्स पर आपकी सबसे अच्छी तैयारी है, उन्हें पहले खत्म करें और टफ टॉपिक को ज्यादा समय दें। अगर आप किसी टॉपिक को तय समय सीमा में नहीं पढ़ पा रहे हैं, तो उसका प्रेशर न लें।