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आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े का मामला, डॉ. दम्पती ने कर्मचारियों के नाम पर निकाली रकम

आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े का मामला, डॉ. दम्पती ने कर्मचारियों के नाम पर निकाली रकम  

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आयुष्मान योजना

आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित संभाग के 44 फीसदी परिवार,आयुष्मान योजना के लाभ से वंचित संभाग के 44 फीसदी परिवार

जबलपुर. जेल में बंद सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल की संचालक डॉ. दुहिता पाठक और उसके पति डॉ. अश्वनी पाठक ने आयुष्मान योजना के जरिए शासन से अधिक से अधिक रुपए ऐंठने के लिए कई खेल खेले। एसआइटी जांच में हाल ही में पता चला है कि डॉ. पाठक दम्पती ने अस्पताल समेत अपने अन्य कर्मचारियों और उनके परिजन के आयुष्मान कार्ड बनवाए। हितग्राहियों को कागजों में मरीज बताकर उनके नामों की फाइल आयुष्मान योजना से जुड़े अधिकारियों को भेज दिया। इन फर्जी मरीजों के नाम पर आयुष्मान योजना की राशि स्वीकृत होने के बाद अस्पताल के एकाउंट में आ गई थी। जांच में यह भी पता चला है कि इसके एवज में डॉ. पाठक दम्पती कर्मचारियों को रुपए दिए थे।

एसआइटी को अस्पताल और आयुष्मान योजना के भोपाल स्थित कार्यालय से मिले मरीजों के दस्तावेजों की जांच में पता चला है कि जनवरी से पूर्व सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल के संचालक डॉ. पाठक दम्पती आयुष्मान योजना के पैकेज की सभी बीमारियों के एवज में फर्जी मरीजों के जरिए शासन से राशि वसूलते थे। लेकिन, जनवरी 2022 के बाद मरीजों की जो भी फर्जी फाइलें बनाई गईं, उनमें से 90 प्रतिशत से अधिक फाइलों में मरीज को उस बीमारी से पीड़ित बताया गया, जिनका पैकेज सबसे अधिक था।

यह है मामला

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 26 अगस्त को राइट टाउन स्थित होटल वेगा में छापा मारा था। यहां सेंट्रल इंडिया किडनी अस्पताल की संचालक डॉ. दुहिता पाठक और उसके पति डॉ. अश्वनी पाठक ने 30 फर्जी मरीजों को भर्ती किया था। इन्हें सामान्य बीमारियां थीं। लेकिन फाइलों में गम्भीर बीमारियों का जिक्र था। इसके बाद लार्डगंज थाने की पुलिस ने डॉ. दम्पती, मैनेजर कमलेश्वर मेहतो के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वर्तमान में तीनों जेल में हैं।