
CGHS Dispensary
जबलपुर. जीवन भर सरकारी सेवाएं देने के बाद बुढ़ापे में उन्हें मिलने वाली सुविधाओं के लिए भी बातें सुनना पड़ रही हैं। हम बात कर रहे हैं सीजीएचएस डिस्पेंसरी नंबर 2 में रोजाना परेशान होने वाले पेंशनर्स की। जहां दवा लेने पहुंचने वाले बुजुर्गों और उनके परिजनों को कर्मचारियों की धौंस और अपशब्द भी सुनने पड़ते हैं। शनिवार को भी ऐसा ही मामला सामने आया, जब टोकन नंबर देने वाले कर्मचारी ने पेंशनर के परिजन को देख लेने की धमकी दे दी, साथ ही उन्हें पहले स्टाफ के व्यक्ति का काम करने की बात कहते हुए चुपचाप खड़े रहने के लिए भी कहा गया।
- स्टाफ के लोगों और रिश्तेदारों का काम पहले, विरोध करने पर अपशब्द और देख लेने की देते हैं धमकी
- प्राथमिकता की बात पेंशनर को रखा हांसिए पर, एडी डायरेक्टर बोले सख्त कार्रवाई करूंगा
यह है मामला
एक बुजुर्ग पेंशनर का बेटा दवाएं लेने सुबह करीब 10 बजे डिस्पेंसरी पहुंचा। टोकन की लाइन में लगे युवक का नंबर जैसे ही आया अंदर बैठा कर्मचारी फोन पर बातें करते हुए जाने लगा। उसने कहा मेरा नंबर दे दीजिए फिर काम करना। बस इतना कहना था कि अंदर बैठे कर्मचारी ने कहा हम आपके नौकर नहीं है, चुपचाप खड़े रहो। कुछ मिनट बाद दूसरा कर्मचारी आकर बैठ गया, जैसे ही वो नंबर दर्ज करने लगा, इतने में स्टाफ का एक सीनियर कर्मचारी वहां अपना काम लेकर आ गया। जब युवक ने कहा पहले मेरा काम कर दीजिए बाद में दूसरा करना। इतना कहते ही टोकन दे रहे कर्मचारी ने कहा पहले स्टाफ का काम करेंगे, जहां शिकायत करनी है कर दो। हमारी प्राथमिकता में स्टाफ पहले है। आखिरकार टोकन के लिए लाइन लंबी हो गई और जब तक नंबर नहीं दिए गए, जब तक स्टाफ के व्यक्ति का काम नहीं हुआ।
सील नहीं लगाई, गेम खेलते रहे
एक अन्य बुजुर्ग को केवल रेफर लेटर में सील लगवानी थी, वे बोले सीट छोडऩे से पहले इसमें सील लगा दो नहीं तो ऑटो वाला चला जाएगा। कर्मचारियों ने उनकी बात को अनसुनी की और कम्पयूटर पर गेम खेलने लगे। दो तीन बार टोकने के बाद कर्मचारी झल्लाते हुए बुजुर्ग के हाथ से पर्ची छीनी और सील लगाकर फेंककर दी और फिर से सरकारी कम्पयूटर पर गेम खेलने में मस्त हो गए। वहीं इतनी देर में बुजुर्ग का ऑटो वाला जा चुका था। वे परेशान होकर ऑटो का इंतजार करते रहे, आखिर में राह चलते एक युवक ने उन्हें यादव कॉलोनी तक छोड़ा।
सर्वर अलग कर रहा परेशान
जैसे तैसे टोकन और फिर डॉक्टर को दिखाने के बाद दवाएं लेने के लिए भी शनिवार को लंबी लाइन लगी रही। जब कारण पूछा गया तो पता चला बार-बार सर्वर डाउन हो रहा है। जिसके चलते पहले डॉक्टर के पास एक घंटा लग गया अब आधा घंटा से ज्यादा दवा लेने में लग रहा है।
सीधी बात
- एके सुधांशु, एडिशनल डायरेक्टर, सीजीएचएस
- सीजीएचएस डिस्पेंसरी में प्राथमिकता किसे दी जाती है।
सीजीएचएस डिस्पेंसरी हो या कार्यालय प्रमुखता में पेंशनर और उनके परिजन होते हैं। स्टाफ को प्रमुखता देने की बात कहना कहीं से उचित नहीं है। जो भी ऐसा कह रहा है उनकी जांच कराएंगे, प्रभारी डॉक्टर से बात करके उन कर्मचारियों पर एक्शन लेंगे।
- कर्मचारियों और उनके परिचितों को बिना लाइन लगे दवाई दी जा सकती है
नहीं ऐसा नहीं है, पेंशनर या उनके परिजनों को अलग करके पहले दवा नहीं ले सकते। नंबर आने या खाली होने पर जा सकते हैं।
- क्या कर्मचारियों को ऑन ड्यूटी कम्पयूटर पर गेम की अनुमति है।
कम्पयूटर केवल काम करने के लिए दिए गए हैं। गेम खेलते हैं तो नियम विरुद्ध है। उन पर सख्त कार्रवाई हो सकती है।
- कोई कर्मचारी यदि पेंशनर का काम नहीं सुन रहा और उसे अपशब्द कहता है तो क्या कार्रवाई की जा सकती है।
कर्मचारी किसी भी प्रकार की धमकी या अपशब्द पेंशनर से नहीं कह सकता। उसका काम है उनकी बातें सुनना और मदद करना। यदि किसी ने ऐसा किया है तो उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
07 Apr 2024 12:56 pm
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