
CGHS lady doctor
जबलपुर। दोबारा मेरे पास मत आना, इतनी ही परेशानी है तो दूसरे डॉक्टरों को दिखाओ...मैडम मैं नहीं आया मुझे पर्ची ही इस नंबर की दी गई है तो मैं क्या करुं...बहुत दर्द हो रहा है हाथ और कंधा... मुझे कुछ नहीं करना है, समझे ज्यादा बहस मत करो... मैं बहस नहीं कर रहा हूं, आप केवल मुझे दवाएं दें और मेरी समस्या सुन लें...दोबारा मैं खुद ही नहीं आऊंगा... ये बातें सीजीएचएस डिस्पेंसरी स्नेह नगर में सेवाएं देने वाली लेडी डॉक्टर और एक पेंशनर की हैं। जहां मैडम की बदतमीजी से आहत होकर उसे भी जोर से बोलना पड़ा।
दरअसल, डिस्पेंसरी में एक बुजुर्ग मरीज के साथ काउंटर नंबर में एक विवाद की िस्थति निर्मित हुई। नंबर देने और जांच में आनाकानी करने एवं अभद्रता का अरोप लगाते हुए नाराजगी दर्ज की। मरीज और चिकित्सक के बीच काफी देर तक विवाद चलता रहा। मरीज ने कहा कि आपको मरीजों को दखेने के लिए बुलाया गया है न कि उन्हें परेशान करने।
भैया एक नंबर की पर्ची मत देना, कहीं की भी दे दो
भैया एक नंबर रूम की पर्ची मत बनाना, चाहे जहां की दे दो, कितनी भी देर रुक लेंगे, लेकिन उन मैडम के पास नहीं जाना है। ये कहना है स्नेह नगर स्थित सीजीएचएस डिस्पेंसरी आने वाले अधिकतर सीजीएचएस कार्डधारियों का। बुजुर्गों से लेकर उनके बच्चों के साथ भी डॉक्टर मैडम बात बात पर बिफर जाती हैं। कभी दवा का नाम पूछ लेती हैं तो कभी डॉक्टरों की राइटिंग न पढऩे पर ताना मारना शुरू कर देती हैं।
झुककर बैठो तो मैडम सुनेंगी
कोविड का खतरा न के बराबर होने के बाद भी मैडम का तानाशाही रवैया अब भी जारी हैं। वे महज 8 बाई 8 के एक छेद से ही लोगों की पर्ची देखती हैं। जिन्हें उनसे बात करना हो वे नीचे बैठकर ही बात कर सकते हैं। खड़े होकर आवाज लगाने पर वे नहीं सुनतीं। यदि गलती से कोई उनके रूम के सामने खड़ा हो गया तो फिर उसकी खैर नहीं। ये नजारा रोज दिखाई देता है।
पैर में प्लास्टर फिर भी लाइन में लगे
डिस्पेंसरी के कर्मचारी भी कार्डधारियों की परेशानियां नहीं समझते हैं। एक बुजुर्ग के पैर में प्लास्टर बंधा हुआ था। वे नंबर लेने और डॉक्टर को दिखाने के लिए आधा घंटे से ज्यादा लाइन में बैसाखी के सहारे खड़े रहे। नंबर दे रहे कर्मचारी से जब उन्होंने पूछा कि 2 नंबर रूम में डॉक्टर नहीं हैं, कहां गए, तो कम्पयूटर में ताश खेलने में व्यस्त कर्मचारी ने टका सा जबाव देते हुए कहा मैं यहां बैठा हूं, मुझे नहीं पता आप स्वयं देख लो। बैसाखी के सहारे कर्मचारी 4 नंबर कमरे तक गया, आखिर फिर लौटकर डॉक्टर का इंतजार करने लगा। लेकिन वहां का कर्मचारी मदद करने के बजाए ताश खेलने में व्यस्त रहा।
सीजीएचएस के अपर निदेशक से मांगा जवाब डिस्पेंसरी नंबर 2 का मामला, लेकिन अभी भी चिकित्सकों का नहीं सुधरा व्यवहार
सीजीएचएस डिस्पेंसरी नंबर दो में अनियमित्ताओं और मरीजों के साथ किए जा रहे दुव्र्यहार की खबरों की शिकायत दिल्ली तक जा पहुची है। शिकायतों को संज्ञान में लेते हुए दिल्ली िस्थत सीजीएचएस के डिप्टी डॉयरेक्टर जनरल ने इसे गंभीरता से लेते हुए जबलपुर में पदस्थ अपर निदेशक डॉ आरपी रावत को जवाब तलब किया है। डिस्पेंसरी में व्यापत अव्यवस्थाओं को लेकर जवाब मांगा गया है।
बताया जाता है डिस्पेंसरी में व्याप्त अनयिमित्ताओं की खबरों के बाद सिटीजन वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद्रा ने डिप्टी डॉयरेक्टर डॉ. अलका अहूजा मिनिस्ट्री ऑफ हैल्थ एंड फैमिली वेलफेयर नई दिल्ली को शिकायत की गई थी। जिसमें डिस्पेंसरी इंचार्ज डॉ मीना दुबे द्वारा लाभार्थियों के साथ किए जा रहे दुव्र्यवहार की शिकायत की गई थी। सीबीडब्ल्यूएआई के जनरल सेकेट्री दामोदरन को भी इस मामले में अवगत कराया गया है। उन्होंने इसे गंभीरता से लिया है।
Published on:
27 Apr 2022 12:57 pm
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