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चंडी मेला में दिखे आधुनिक सहित पारम्परिक रीति रिवाज

गुलौआ में दो दिवसीय चंडी मढ़ई मेले का समापन

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Chandi Madai Mela in Jabalpur

Chandi Madai Mela in Jabalpur

जबलपुर। गढ़ा गुलौआ चौक में लगने वाले दो दिवसीय चंडी मेले का रविवार को समापन हुआ। ग्रामीण और आधुनिकता में रचे-बसे इस चंडी मेले का आकर्षण हर वर्ग में था। हजारों लोग खरीददारी और मेले का आनंद उठाने के लिए पहुंचे। इस साल मेले का विस्तार हुआ और बड़ी संख्या में स्टाल लगे।
मेले में करीब 1000 से अधिक छोटी बड़ी दुकानें लगीं। इसमें घरेलू सामग्री कपड़े, खिलौने, बर्तन, लकडी के आइटम, खाने पीने के आइटम, देसी मिठाई से लेकर श्रंगार जैसी सामग्री की सैकड़ों दुकानें शामिल थीं। जहां 5 रुपए की कीमत में भी सामग्री उपलब्ध कराई जा रही थी। यही वजह थी कि मेले के आकर्षण में हर वर्ग खिंचा नजर आया।
श्री रानी दुर्गावती मित्र मंडल गुलौआ चौक गढ़ा द्वारा प्रतिवर्ष दीपावली के बाद भाई दूज से दो दिवसीय चंडी मेले का आयोजन किया जाता आ रहा है। इस मेले में चंडी माता की स्थापना की गई व बच्चों के मनोरंजन हेतु आकर्षक झूलों के साथ-साथ घरेलू उपयोगी सामग्री खान-पान के स्टॉल यहां पर लगाए गए थे। रानी दुर्गावती मित्र मंडल के सदस्यों द्वारा इस वर्ष दुर्गामाता प्रतिमा के विसर्जन के लिए स्वनिर्मित कुंड का निर्माण कर दुर्गा माता का विसर्जन किया गया था, उसकी भी यहां पर रिकॉर्डिंग चलाई गई। खिलौने की दुकान लगाने वाले रामदीन ने बताया कि वे पिछले 15 साल से चंडी मेले में आ रहे हैं। इसी तरह लकड़ी के सजावटी सामान बेचने वाले सुन्नी विश्वकर्मा पिछले 20 साल से इस मेले में दुकान लगाने आ रहे हैं।
रामनगर रांझी में सांस्कृतिक मेला कल

दीपावली पर्व के उपलक्ष्य में रामनगर रांझी में नौ नवंबर को सांस्कृतिक मेले का आयोजन दुर्गा मंदिर प्रांगण परिसर में किया जाएगा। आयोजक अनिल तिवारी ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस साल भी कार्तिक शुक्ल पंचमी के दिन यह मेला आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय नागरिकों के अलावा छोटे व्यवसाई भी शामिल होते हैं। उन्होंने बताया कि शाम चार बजे से रात 10 बजे तक यह आयोजन कोरोना गाइडलाइन के तहत होगा।