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चरक संहिता में है इस पेड़ के औषधीय गुणों का जिक्र, आप भी जानेंं इसके फायदे

नीम का पेड़ कई रोगों की रामबाण दवा है, यह रोगों को ठीक करता है, साथ में प्रतिरोधक क्षमता भी विकसित करता है.. इसके ये फायदे आपके लिए जानना बेहद जरूरी है।

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Benefits of neem

Benefits of neem

नीरज मिश्र @ जबलपुर। औषधीय पेड़ के रूप में नीम के बारे में तो सभी जानते हैं। इस पेड़ की पत्तियां, छाल और फल औषधीय उपयोग में आते हैं। चरक संहिता और सुश्रुत संहिता जैसे प्राचीन चिकित्सा ग्रंथों में इसका जिक्र है। यह आपको निरोग काया प्रदान करता है। तभी तो नीम के बारे में कहा जाता है की एक नीम और सौ हकीम दोनों बराबर है। यहां हम नीम के उपयोग से होने वाले फायदों के बारे में बता रहे हैं। जिसे जानना आपके लिए बेहद जरूरी है।
ये हैं नीम के फायदे
- नीम के तेल की मालिश से चर्म रोग ठीक होते हैं। बदन दर्द में राहत मिलती है।
- नीम के तेल का दिया जलाने से मच्छर नहीं काटते। मलेरिया जैसे रोग नहीं होते।
- नीम की दातुन करने से मुंह के रोग नहीं होते। मसूढ़े मजबूत होते हैं। दांत दर्द नहीं करते।
- नीम की पत्तियां चबाने से खून साफ होता है। कई बीमारियों से बचाव होता है।
इन रोगों में होता है फायदा-
चर्म रोग- चर्म रोगों के लिए नीम एक रामबाण औषधि है। इसके उपयोग से चर्म रोग जड़ से समाप्त हो जाता है। अपरस में भी इसका उपयोग किया जाता है। दाद, खाज खुजली में नीम की पत्तियों से उबले पानी का स्नान लाभदाय होता है।
मलेरिया में फायदा- मलेरिया रोग से ग्रसित मरीज को नीम की छाल के काढ़े में धनिया और सोंठ का चूर्ण मिलाकर देने से रोग जल्द ठीक हो जाता है। नीम की पत्तियों के धुंए से मच्छर नहीं आते। जससे मलेरिया फैलने की संभावना कम हो जाती है।
दांत के रोगों में लाभ दायक- नीम की दातुन करने से मुंह के रोग नहीं होते। मुंह की दुर्गंध से मुक्ति मिल जाती है। पायरिया जैसे रोग नहीं होते हैं। मसूढ़े मजबूत और दांत चमकदार होते हैं।
चेचक रोग में फायदा- चेचक होने पर मरीज को नीम की पत्तियों के बिछौने पर लिटाना लाभदायक होता है। मरीज के आस-पास नीम की पत्तियां रखने से विषणु नहीं फैलते। इसके उपयोग से चेचक जल्द ठीक हो जाता है।
बाल नहीं झड़ते- नीम का पेड़ बालों के लिए बेहद कारगर औषधि है। इसका लेप लगाने से बाल नहीं झड़ते। साथ ही बालों को पोषण मिलता है। जिससे स्वस्थ्य और लम्बे बाल होते हैं।
कंजेक्टिवाइटिस में असर- नीम की पत्तियों के रस को आंखों में डालने से आंख आने की बीमारी (कंजेक्टिवाइटिस) समाप्त हो जाती है।
इनमें भी होता है फायदा
बवासीर, लू लगने पर, कब्ज, बिच्छू के काटने पर, फोड़ा-फुनसी, पीलिया, उदर विकार, बुखर में नीम का उपयोग लाभदायक होता है।
इनका कहना है
नीम कई रोगों की रामबाण दवा है, इसके उपयोग से मनुष्य रोग मुक्त रह सकता है। इसके औषधीय गुणों के बारे में चरक संहिता में भी बताया गया है।
परसराम दुबे, औषधि विशेषज्ञ