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childrens day poem 2017 बाल दिवस की ये कवितायेँ जो भी सुनेगा कह उठेगा वाह वाह

आज सोशल मीडिया और विभिन्न राइटिंग साइट्स पर कविताएं मिल जाती हैं

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आज सोशल मीडिया और विभिन्न राइटिंग साइट्स पर कविताएं मिल जाती हैं

आज सोशल मीडिया और विभिन्न राइटिंग साइट्स पर कविताएं मिल जाती हैं

जबलपुर। बाल दिवस यानी बच्चों की मस्ती और बच्चों के बच्चों का दिन। हर तरफ उत्साह उमंग की बातें और उनके विचारों से अवगत होने का दिन। जब बच्चों को खुलकर अपनी बात रखने का मौका भी मिलता है । यह सही बात है कि बच्चों को चाचा नेहरू बहुत ज्यादा प्यार करते थे। जबलपुर में बाल दिवस के अवसर पर विभिन्न कार्यक्रम स्कूलों और सामाजिक संगठनों द्वारा कराए जाते हैं। इस दौरान कई प्रतियोगिताएं भी होती हैं जिनमें कविता पाठ भी शामिल होता है। आज सोशल मीडिया और विभिन्न राइटिंग साइट्स पर कविताएं मिल जाती हैं। जिन्हें आप अपने विचारों के अनुसार या अपने अंदाज से पढ़ सकते हैं। कुछ सोशल साइट्स के माध्यम से हम ऐसे ही कुछ कविताएं लेकर आए हैं। जो बच्चों को बहुत भाएंगे और वे जब इसका पाठ करेंगे तो उन्हें शाबाशी भी मिलेगी।

बाल दिवस कविता -01
बच्चो हम आज बताते हैं
यह बाल दिवस क्या होता
यह बाल दिवस क्यों होता।
ये तो तुम सबने सुना ही होगा
दुनिया राम चलाते हैं
बैकुंठ छोड़कर बच्चे बन
भगवान धरा पर आते हैं
जिनको छल कपट नहीं आते
भगवान वहीँ पर रम जाते हैं
इसलिये तो बच्चे दुनिया में
भगवान का रूप कहाते हैं।
बच्चो हम आज बताते हैं.....

बाल दिवस कविता -02
बचपन है ऐसा खजाना
आता है ना दोबारा
मुस्किल है इसको भूल पाना,
वोखेलना कूदना और खाना
मौज मस्ती में बखलाना

वो माँ की ममता और वो पापा का दुलार
भुलाये ना भूले वह सावन की फुवार,
मुस्किल है इन सभी को भूलना

वह कागज की नाव बनाना
वो बारिश में खुद को भीगना
वो झूले झुलना और और खुद ही मुस्कुराना
बचपन है ऐसा खजाना ....


बाल दिवस कविता -03
नेहरु चाचा करते से हम बच्चो से प्यार
क्योकि बच्चो का दिन होता है पूरी तरह से साफ़
चाचा नेहरु का था सिर्फ एक ही सपना
पढने में आगे हो अपने देश का हर एक बच्चा बच्चा

क्योकि भारत के बच्चे है फ्यूचर इस देश के
एजुकेशन से होता कल्याण इनका
बाल दिवस के मौके पर सभी बच्चे को ये वादा है निभाना
चाचा नेहरु के सपने को सच करके है दिखाना


बाल दिवस कविता -04
नेहरु चाचा करते से हम बच्चो से प्यार
क्योकि बच्चो का दिन होता है पूरी तरह से साफ़
चाचा नेहरु का था सिर्फ एक ही सपना
पढने में आगे हो अपने देश का हर एक बच्चा बच्चा

क्योकि भारत के बच्चे है फ्यूचर इस देश के
एजुकेशन से होता कल्याण इनका
बाल दिवस के मौके पर सभी बच्चे को ये वादा है निभाना
चाचा नेहरु के सपने को सच करके है दिखाना