13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

गरीब मजदूरों का करोड़ों लेकर चंपत हो गई चिटफंड कंपनी

-गरीब मजदूर खुदकुशी का मन बना रहे

2 min read
Google source verification
आर्थिक लेन-देन की जांच में जुटा ईडी

आर्थिक लेन-देन की जांच में जुटा ईडी

जबलपुर. चिटफंड कंपनी के फर्जीवाड़े में फंसे दर्जनों लोग। इन सभी लोगों की जीवन भर की गाढ़ी कमाई बट्टेखाते में जाने का अंदेशा पैदा हो गया है। ऐसे में इनमें से कई तो खुदकुशी करने की सोचने लगे हैं। फर्जीवाड़े के शिकार लोगों ने कलेक्टर कार्यालय में आवेदन पत्र सौंपते हुए कहा कि उनके पास अब आत्महत्या करने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है।

उनका कहना है कि मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण पोषण कर रहे हैं। पेट काट कर पाई-पाई जोड़ी जो चिटफंड कंपनी और उसके एजेंट लेकर भाग गए। जानकारी के मुताबिक यह मसला अमृत प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड से जुड़ा है।

ठक्करग्राम वार्ड बाबाटोला शास्त्री वार्ड निवासियों का कहना है कि रांझी क्षेत्र निवासी एजेंट किशन लाल चौधरी तथा मदार टेकरी निवासी रमेश चौधरी चिटफंड कंपनी अमृत प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड के लिए काम करते थे। दोनों के बहकावे में आकर तमाम गरीबों ने चिटफंड कंपनी में जीवन भर की जमा पूंजी जमा कर दी। यहां तक कि कई मजदूरों ने कर्ज लेकर चिटफंड कंपनी में खाता खोला था।

कंपनी ने फिक्स डिपाजिट और रिकरिंग डिपॉजिट के नाम पर गरीबों से करोड़ों रुपए जमा कराए। मजदूरों को जब पैसा लौटाने की बारी आई तो कंपनी के अधिकारी और एजेंट रातों-रात कार्यालय बंद कर जबलपुर से भाग गए। पीड़ित निवेशकों ने बताया कि रांझी बड़ापत्थर निवासी एजेंट भी चिटफंड कंपनी के अधिकारियों से मिला हुआ है। निवेश के नाम पर उसने गरीबों से पैसा लिया और रीवा जिले में खुद के फायदे के लिए उसका निवेश किया।

राजेंद्र, रज्जो बाई, मुन्नी बाई, बल्लू, राकेश कुमार, प्रदीप समेत अन्य निवेशकों का कहना है कि गरीबों से ठगी गई रकम से रीवा के रेलवे स्टेशन के पास शांति विहार कॉलोनी में एजेंट ने आलीशान हवेली बनाई। रीवा में कई कालोनियों में प्लाट मकान खरीदा और तीन बेटों की शादी में पैसे को पानी की तरह बहाया दूसरे एजेंट ने भी मदार टेकरी के पास और शहर में कई जगह तमाम संपत्ति खरीद ली लेकिन निवेशकों को उनका पैसा वापस नहीं दिलाया जा रहा। इधर रांझी पुलिस ने वर्ष 2020 में अमृत प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया था लेकिन जालसाजों को नहीं पकड़ा जा सका। खास बात यह है कि चिटफंड कंपनी का कार्यालय रांझी थाने के सामने खोला गया था।