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तीसरी आंख की जद में आएगा पूरा शहर, नम्बर प्लेट से लेकर हर वारदात होगी कैद

cctv:शहर के इंट्री और एग्जिट प्वॉइंटों पर लगेंगे 837 सीसीटीवी व अन्य कैमरे  

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जबलपुर. शहर में बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस तकनीक रूप से खुद को और सक्षम बनाने की कवायद में जुटी है। शहर में 150 और स्थानों पर 837 कैमरे लगाए जाएंगे। पहले चरण में शहर में 125 स्थलों पर पुलिस की ओर से 609 कैमरे व नगर निगम के आईटीएमएस के तहत 13 चौराहों पर कैमरे लगे हैं। औसतन हर महीने 30 से 32 अपराधी कैमरों की मदद से पकड़ में आ रहे हैं।
एएनपीआर कैमरों से होगी इंट्री व एक्जिट प्वाइंटों की निगरानी
रेडियो एसपी प्रांजलि शुक्ला ने बताया कि इस बार एएनपीआर (ऑटोमेटिक नम्बर प्लेट रीडर) कैमरों की संख्या बढ़ायी गई है। 31 प्रमुख चौराहों, इंट्री व एक्जिट प्वॉइंटों पर इसे लगाया जाएगा। इसका एक मकसद शहर में नो-एंट्री में वाहनों के प्रवेश पर नजर रखना और दूसरा लूट या वाहन चोरी की वारदातों में आरोपियों को डिडेक्ट करना है। अभी सिर्फ पेंटीनाका में ही चार एएनपीआर कैमरे लगे हैं। लूट या चोरी के वाहन नम्बर को कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी के सॉफ्टवेयर में अपलोड कर दिया जाएगा। जैसे ही किसी कैमरे से ये वाहन निकलेंगे कंट्रोल रूम में बीप और सम्बंधित
थाने के टीआई को मोबाइल पर अलर्ट मैसेज चले जाएंगे।

IMAGE CREDIT: patrika

न्यूज फैक्ट-
कैमरे लगेंगे-150 स्थलों पर
कुल कैमरे-837
एनपीआर लोकेशन-31 स्थलों पर
एएनपीआर कैमरे-170 लगेंगे
360 डिग्री पर मुवमेंट करने वाले-150 कैमरे
फिक्स कैमरे-517
अभी ये है व्यवस्था
कुल स्थल-125
कैमरे लगे-609
360 डिग्री पर मुवमेंट करने वाले-125 कैमरे
फिक्स-480 कैमरे
एनपीआर-04
पहले से अधिक हाई रेज्यूलेशन वाले लगेंगे कैमरे
पहले फेज में शहर में लगे 125 कैमरों को लेकर एक बड़ी दिक्कत ये आती है कि रात में इसके फुटेज साफ नहीं दिखते। इस खामी को इस बार दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इस बार सभी कैमरे हाई रेज्यूलेशन व नाइट विजन वाले होंगे। इससे रात में भी कोई भी तस्वीर साफ नजर आएंगी।

IMAGE CREDIT: patrika

बड़ी वारदातों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई कैमरों ने
शहर में पुलिस ही नहीं आम लोगों की ओर से लगवाए गए कैमरे भी कई वारदातों के खुलासे में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। सबसे बड़ी और सनसनीखेज वारदात के रूप में दर्ज आरोही हत्याकांड को खोलने में पुलिस को सीसीटीवी कैमरे से ही मदद मिली थी। इसके बाद खमरिया में एसएएफ जवान की हत्या की गुत्थी को भी सुलझाने में सीसीटीवी कैमरे ने ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावा जनवरी से अब तक 356 के लगभग वारदातों का खुलासा सीसीटीवी कैमरे की मदद से हो चुकी है। इसमें ऑटो में चोरी, लूट व वाहन चोरी के प्रकरण सर्वाधिक हैं।
केस-एक
14 नवम्बर को सिहोरा से अपनी बच्ची का इलाज कराने शहर आए युवक की पेंट की जेब से चालक ने 10 हजार रुपए निकाल लिए। युवक पत्नी व बेटी के साथ दमोहनाका से ऑटो में सवार हुआ था। सीसीटीवी कैमरे की मदद से ऑटो का रजिस्ट्रेशन नंबर एमपी 20 आर 9478 निकाल कर सम्बंधित थाने को उपलब्ध करा दिया।
केस-दो
25 नवम्बर को सीसीटीवी में एक लोडिंग वाहन से बिना नम्बर की बाइक सवार दो युवक चोरी करते हुए दिखे। प्रधान आरक्षक की सूचना पर चोरों को दमोहनाका, चंडालभाटा, व दीनदयाल आदि लोकेशन पर ढूंढ़ा गया।
केस-तीन
9 नवम्बर की रात 12.22 बजे बड़ा पत्थर रांझी में दयाशंकर सूर्यवंशी की दुकान में उनके ही दुकान पर काम करने वाला कर्मी 25 हजार रुपए निकाल कर अपने एक साथी के साथ ले जाते हुए दिखाई दिया। सीसीटीवी की मदद से आरोपी को रांझी पुलिस ने दबोच लिया।