
city hospital director sarabjit singh mokha
जबलपुर। नकली रेमडेसिविर मामले में रविवार रात ओमती पुलिस ने सिटी अस्पताल के डायरेक्टर सरबजीत सिंह मोखा, उसके अस्पताल के दवा इंचार्ज अधारताल धनी की कुटिया निवासी देवेश चौरसिया और भगवती फार्मा के संचालक सपन जैन के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कियौ। जबलपुर से इंदौर गई पुलिस टीम ने इंदौर से भी एक संदेही प्रखर कोहली को पकड़ा है, जिसे जबलपुर लाया जा रहा है।
मोखा के कहने पर देवेश ने सपन को दिया नम्बर
पुलिस के अनुसार अप्रेल में कोरोना संक्रमण पीक पर था। इस दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग बढ़ी। सरबजीत सिंह मोखा को पता चला कि सूरत में इंजेक्शन मिल रहे हैं। उसने देवेश के माध्यम से सपन जैन को रीवा निवासी सुनील मिश्रा उर्फ शिवेंद्र कुशवाहा का नम्बर मुहैया कराया। सपन ने सुनील से बातचीत की। दोनों के बीच 500 इंजेक्शन की डील हुई। लेकिन, सुनील ने इंदौर से इंजेक्शन की खेप जबलपुर पहुंचाने की बात से इनकार कर दिया।
मोखा के कहने पर कोहली ने किया बुक
मोखा ने इंदौर में रहने वाले प्रखर कोहली से सम्पर्क किया। प्रखर ने मोखा के बताए अनुसार 23 अप्रेल को पहली और 28 अप्रेल को नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की दूसरी खेप अम्बे ट्रेवल्स के माध्यम से जबलपुर भेजी। मोखा के कहने पर देवेश अम्बे ट्रेवल्स पहुंचा और वहां से नकली इंजेक्शन की खेप लेकर सिटी अस्पताल पहुंचा। इंजेक्शन सरबजीत सिंह को दिए।
गुजरात में पकड़े, तो किया नष्ट
कुछ दिन पहले नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन की फैक्ट्री गुजरात में पकड़े जाने की बात मोखा को पता चली। मोखा ने देवेश को वॉटसऐप पर मैसेज कर यह जानकारी दी और पूरी जानकारी जुटाने को कहा। देवेश जानकारी जुटा रहा था, इस दौरान गुजरात पुलिस जबलपुर पहुंची और सपन को गिरफ्तार कर ले गई।
पहले बीमार, फिर कोविड पॉजिटिव हुआ मोखा
पुलिस ने जांच शुरू की, तो पहले तो मोखा ने बीमारी का बहना बनाया और अपने ही अस्पताल में भर्ती हो गया, लेकिन जैसे ही एफआइआर की बात पता चली, तो उसने यह प्रचारित किया कि वह कोविड पॉजिटिव है।
कई मरीजो को लगा दिए नकली इंजेक्शन
पुलिस की जांच में सामने आया कि नकली इंजेक्शन की जो खेप आई थी, उसमें से कई इंजेक्शन सिटी अस्पताल में भर्ती किए गए कोरोना संक्रमित मरीजों को लगा दिए गए थे। पुलिस उन मरीजों के दस्तावेज और उनकी भी जांच कर रही है।
अस्पताल की मैनेजर समेत एक अन्य से पूछताछ
पुलिस टीम ने सिटी अस्पताल की मैनेजर सोनिया और एक अन्य कर्मचारी अभिषेक से भी दिनभर पूछताछ की। पुलिस की एक टीम सीसीटीवी की जांच करने अस्पताल पहुंची, तो देखा कि वहां वे सभी सीसीटीवी फुटेज डिलीट हो चुके थे। पुलिस मामले में डीवीआर भी जब्त करेगी।
नकली रेमडेसिविर मामले में सिटी अस्पताल के संचालक सरबजीत सिंह मोखा समेत उसके यहां के दवा इंचार्ज देवेश चौरसिया और भगवती फार्म के संचालक सपन जैन के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया है।
सिद्धार्थ बहुगुणा, एसपी
Published on:
10 May 2021 01:37 pm
बड़ी खबरें
View Allजबलपुर
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
