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जबलपुर। शहर के 90 फीसदी से ज्यादा स्वीमिंग पूल नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के 'मप्र नगर पालिका तरणतालों का विनियमन आदर्श उपविधियां, 2011Ó के अनुरूप नहीं हैं। इसमें तरणताल के संचालन के संबंध में कई नियम बनाए गए हैं। इसका प्रकाशन 29 जून 2011 के मप्र राजपत्र में किया गया है। शहर में नियम के हिसाब से तरणतालों में बदलाव नहीं किए गए। ऐसी ही एक घटना 2 अप्रैल 2007 को मप्र पावर मैनेजमेंट कम्पनी के ज्योति क्लब तरणताल में हुई थी। विभाग के इंजीनियर अभिषेक जैन के पुत्र आशय जैन उर्फ मौली की पूल में डूबने से मौत हो गई थी। उन्होंने पीआइएल
लगाई थी।
लाइसेंस
तरणताल बनाने के लिए आयुक्त नगर निगम या मुख्य नगर पालिका अधिकारी या नगर परिषद को निर्माण के लिए आवेदन देना होता है।
डिजाइन
ताल का आंतरिक रंग, पैटर्न या फिनिशिंग, ताल के भीतर की वस्तुओं या सतह के अस्तित्व को अंधकारमय या विवधमानता को अस्पष्ट नहीं करेगा। सतह में कटने, चुभने, चोट लगने या जोखिम का खतरा नहीं होना चाहिए।
परिसर की आवश्यकता
पुरुष और महिलाओं के लिए कपड़े बदलने के अलग-अलग कमरे हों। फव्वारा, प्रसाधन सुविधाएं हों। स्नान करने वालों की संख्या निश्चित की जाए। गहरे किनारों तक पहुंचने के लिए समुचित सीढिय़ां हों। हाथ से पकडऩे, पैर रखने की जगह या अन्य साधन हों, जिससे छोटे बच्चे चढ़ सकें।
स्वास्थ्य
पानी का पीएच मान 7 से कम तथा 8 से अधिक नहीं होना चाहिए। समुचित जल गुणवत्ता परीक्षण उपकरण होने चाहिए। पानी रोगाणुमुक्त हो। तरणताल में मूत्र त्याग, मल त्याग, थूकना और नाक साफ नहीं किए जाएं।
सुरक्षा
ताल के आसपास जीवन रक्षा बॉय ज्यादा संख्या में होने चाहिए। बच्चों के ताल 40 सेंटीमीटर से अधिक गहरे नहीं होने चाहिए। झुकाव या ढलान भी 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होना चाहिए। बच्चों के ताल पूर्णत: स्वतंत्र होने चाहिए। एक विशेषित जीवन रक्षा बॉय की नियुक्ति जरूरी है। 200 से 500 वर्ग मीटर के बीच तैरने की सुविधाओं के बीच एक अंगरक्षक होना चाहिए। 500 से 1 हजार वर्ग मीटर के बीच का कुल पानी की सतह क्षेत्र वाले ताल के लिए न्यूनतम दो जीवन रक्षा गाड्र्स जरूरी है।
'स्वीमिंग पूल का ठेका निरस्त किया जाए
नगर निगम के स्वीमिंग पूल में गत दिवस डूबने से हुई युवक की मौत को लेकर बुधवार को कांग्रेस पार्षद दल ने महापौर से मुलाकात की। स्वीमिंग पूल का ठेका निरस्त करने की मांग की। दल के विनय सक्सेना, साबान मंसूरी ने चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन महापौर को सौंपा। पार्षदों ने कहा, पूल का ठेका निरस्त कर ठेकेदार के विरुद्ध एफआइआर दर्ज की जाए, स्वीमिंग पूल अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो, मृतक के परिजन को 10 लाख रुपए राहत राशि दी जाए। महापौर ने पार्षदों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
Published on:
26 Apr 2018 01:03 pm
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