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जहां रखा देश का गोला बारूद, वहां की सुरक्षा में सेंध, प्रतिबंधित सीमा में तन गईं इमारतें और होटल

जहां रखा देश का गोला बारूद, वहां की सुरक्षा में सेंध, प्रतिबंधित सीमा में तन गईं इमारतें और होटल  

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Central Ordnance depot

Central Ordnance depot

जबलपुर. दुश्मनों से देश की रक्षा के लिए बनाए जाने वाले आयुध को सुरक्षित रखने के लिए जबलपुर में स्थापित केंद्रीय आयुध डिपो (सीओडी) भी अतिक्रमण की चपेट में आ गए हैं। सीओडी के तीन सौ मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र के आसपास कई बहुमंजिला भवन बन गए हैं। इनमें होटल से लेकर शो-रूम का संचालन हो रहा है। इसके बावजूद निषिद्ध सीमा में बढ़ते अतिक्रमणों को रोकने के लिए जिम्मेदार नगर निगम प्रशासन मूक दर्शक बना हुआर है। यहां बरती जा रही चूक लाखों की आबादी के लिए खतरा बन सकती है।

#COD सुरक्षा संस्थान ने सीमा को नहीं किया सुरक्षित, नगर निगम प्रशासन भी नहीं रोक रहा अवैध निर्माण

सुरक्षा संस्थान भी नहीं दे रहा ध्यान
केंद्रीय राजपत्र अधिसूचना 9 अक्टूबर 1976 के तहत सीओडी की सीमा के 300 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की संरचना या निर्माण प्रतिबंधित किया है। इसके बावजूद संवेदनशील क्षेत्र के आसपास अवैध निर्माण रोकने के लिए न तो बाउंड्रीवॉल बनाई गई है और ना ही पिलर व फेंसिंग की गई है। सुरक्षा संस्थान ने भी प्रतिबंधित सीमा को सुरक्षित नहीं किया है। सीओडी की निषिद्ध सीमा के साथ ही जिस रेलवे ट्रैक से सेना के लिए आयुध ले जाया जाता है, उसके पास तक अतिक्रमण हो गए हैं। रेलवे ने भी इसकी सुध नहीं ली। संवेदनशील मुद्दे में त्वरित कदम उठाने के बजाय सम्बंधित एजेंसियां एक-दूसरे को पत्र लिखने की खानापूर्ति कर रही हैं। नगर निगम, सुरक्षा संस्थान और रेलवे द्वारा इस गम्भीर मामले के प्रति संजीदा न होते देख क्षेत्रीय निवासी पूर्व पार्षद चंद्रिका सोनकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। कलेक्टर और निगमायुक्त से भी अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

बस स्टैंड बनाने का प्रस्ताव अटका
वर्ष 2002 में रांझी में बस स्टैंड बनाने की पहल हुई थी। उस समय स्टेशन कमांडर ने नगर निगम कमिश्नर को लिखे पत्र में कहा था कि केंद्रीय आयुध भंडार के आसपास 300 मीटर की सीमा में किसी भी प्रकार का निर्माण प्रतिबंधित है। पत्र में यह भी कहा गया था कि सीओडी के आसपास किसी भी प्रकार के निर्माण से देश विरोधी ताकत संवेदनशील क्षेत्र में नुकसान पहुंचा सकती हैं। उन्होंने क्षेत्र की बहुमंजिला इमारतों की जांच करने के लिए भी कहा था।

केंद्रीय आयुध भंडार (सीओडी) की सीमा के आसपास अवैध निर्माण की शिकायत आई है, जिसे भवन शाखा को जांच के लिए भेजा गया है। पूरी जानकारी लेकर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
- प्रीति यादव, आयुक्त, नगर निगम