
शहडोल के कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह पर लगा जुर्माना
Shahdol Collector - मध्यप्रदेश में अफसरशाही पर कोर्ट लगातार सख्त रवैया अपना रहा है। अधिकारियों की मनमानी पर कड़ी टिप्पणी भी कर रहा है। ऐसे ही एक मामले में हाईकोर्ट ने शहडोल के कलेक्टर केदार सिंह पर जुर्माना लगा दिया है। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम एनएसए के दुरुपयोग पर कलेक्टर पर कोर्ट ने ये कार्रवाई की है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने मामले में कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि कलेक्टर महाभारत की गांधारी की तरह आंखों पर पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं।
शहडोल के कलेक्टर Shahdol Collector डॉक्टर केदार सिंह ने जिले के एक युवक पर सख्ती दिखाते हुए उसपर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम(NSA) की धारा लगाते हुए जेल भेज दिया था। शहडोल के व्यवहारी तहसील में बुढ़वा के युवा सुशांत सिंह बैस पर ये कार्रवाई की गई थी। उन्होंने रेत के अवैध उत्खनन की कई शिकायतेें की थीं।
इससे गुस्साए रेत माफिया ने सुशांत सिंह बैस के खिलाफ ही रेत चोरी व अन्य केस दर्ज करवा दिए। इतना ही नहीं, रेत माफिया के दबाव में पुलिस ने उनके खिलाफ एनएसए की कार्रवाई का प्रस्ताव शहडोल कलेक्टर डॉक्टर केदार सिंह के पास भेज दिया। कलेक्टर के आदेश के बाद सुशांत बैस को गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पिता हीरामणि बैस ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की।
हालांकि इस बीच सुशांत सिंह को रिहा कर दिया गया लेकिन कलेक्टर द्वारा गलत तरीके से एनएसए लगाने का विरोध किया गया। कोर्ट ने शहडोल कलेक्टर से जवाब तलब किया तो सफाई दी कि दूसरे आरोपी की जगह गलती से सुशांत बैस का नाम दर्ज हो गया था।
हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस विवेक अग्रवाल और एके सिंह की डबल बेंच ने मामले की सुनवाई के बाद फैसला सुनाते हुए शहडोल कलेक्टर को फटकार लगाई। कोर्ट ने कलेक्टर केदार सिंह को अपनी व्यक्तिगत राशि से दो लाख रुपए का जुर्माना भरने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि ऐसा लगता है कि कलेक्टर मानो प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी बन गए। राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत केवल तब कार्रवाई की जा सकती है जब देश की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा हो रहा हो।
Updated on:
07 Jan 2026 03:55 pm
Published on:
07 Jan 2026 03:54 pm
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