27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

जबलपुर की 567 लोकेशन पर महंगी होगी प्रॉपर्टी

नई कलेक्टर गाइडलाइन का अनुमोदन, अब शासन लेगा अंतिम निर्णय

2 min read
Google source verification
जबलपुर पंजीयक कार्यालय

जबलपुर पंजीयक कार्यालय

जबलपुर. जिले में अचल संपत्ति की दरों में वृदि्ध के प्रस्ताव को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। 567 लोकेशन में कलेक्टर गाइडलाइन की दर बढ़ाई जाना है। कुछ जगह पर पांच तो कहीं 80 फीसदी तक दरें बढे़ंगी। कुछ लोकेशन पर 150 से 200 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो रही है। यदि बोर्ड के निर्णय पर शासन अंतिम निर्णय लेता है तो एक अप्रेल से स्टाम्प ड्यूटी और पंजीयन फीस ज्यादा चुकानी पडे़गी।

भूखंड और कृषि भूमि के लिए वर्ष 2023-24 की कलेक्टर गाइडलाइन की दरों में बढ़ोतरी के लिए जिला मूल्यांकन समिति ने केंद्रीय मूल्यांकन समिति को प्रस्ताव भेजा था। सोमवार को भोपाल में हुई बैठक में जिले के प्रस्तावों को मंजूरी देकर राज्य शासन के अवलोकन के लिए भेजा गया है। माना जा रह है कि राजस्व को ध्यान में रखते हुए इन दरों को मान लिया जाएगा। जिला पंजीयक कार्यालय व संपदा शाखा से जो आंकडे़ प्राप्त हुए थे, उसमें यह सामने आया था कि प्रचलित गाइडलाइन दरों से अधिक मूल्य पर रजिस्ट्री हो रही है।

963 लोकेशन विलोपित

विश्लेषण के आधार पर गाइडलाइन बढ़ाने का प्रस्ताव बना। नगरीय क्षेत्र में 211 और ग्रामीण क्षेत्र में 356 क्षेत्र (लोकेशन) पर वृदि्ध का प्रस्ताव दिया गया था। एक हजार 935 लोकेशन में दर बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं है। यानी इन जगहों पर जो दरें अभी लग रही हैं, उतनी ही एक अप्रेल से लागू होने वाली नई गाइडलाइन में लगेंगी। विलोपित की गई कुछ लोकेशन जिले में 963 लोकेशन को विलोपित या मर्ज किया गया है। इनमें नगरीय क्षेत्र की 961 तो ग्रामीण क्षेत्र की मात्र एक लोकेशन है।

कुल वृदि्ध 2.94 फीसदी

इस बीच कुल वृदि्ध 2.94 फीसदी रखी गई है। इसमें नगरीय क्षेत्र में 1.73 प्रतिशत तो ग्रामीण क्षेत्र के लिए 4.15 प्रतिशत की वृदि्ध की गई है। ग्रामीण क्षेत्र में नगरीय सीमा लगातार बढ़ रही है। नई कॉलोनियां बन रही हैं। वहीं उनकी कीमत भी अधिक है। वहां रजिस्ट्री ज्यादा दर पर होती है। अभी रजिस्ट्री पर 12.50 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस चुकानी पड़ती है।

वर्ष 2023-24 की प्रस्तावित कलेक्टर गाइडलाइन को केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में अनुमोदित कर दिया गया है। अब राज्य शासन से मंजूरी मिलते ही एक अप्रेल से इन्हें लागू कर दिया जाएगा।

डॉ. पवन अहिरवाल, वरिष्ठ जिला पंजीयक